केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट को पेश करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार अगले पांच वर्षों के दौरान बायोफार्मा सेक्टर में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे देश के दवा उद्योग को मजबूती मिलेगी।
क्या होती हैं बायोलॉजिक्स दवाएं?
बता दें कि बायोफार्मा या बायोलॉजिक्स ऐसी दवाएं होती हैं जो रसायनों से नहीं, बल्कि जीवित कोशिकाओं और ऊतकों से बनाई जाती हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है।
सेमीकंडक्टर निर्माण को लेकर नया एलान
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार विनिर्माण, रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों, स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत तकनीक समेत छह अहम क्षेत्रों में विशेष कदम उठाएगी। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत अब ऐसे उपकरण और सामग्री तैयार की जाएंगी, जिन पर पूरी तरह भारतीय बौद्धिक संपदा का अधिकार होगा।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करता है इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन
सतारमण ने यह भी बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करता है और इसका मकसद देश में मजबूत सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले उद्योग खड़ा करना है। इसके अलावा सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को महत्वपूर्ण खनिज से जुड़ी सुविधाएं स्थापित करने में मदद देगी।








