नैनीताल हाईकोर्ट- सरकारी अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

Spread the love

 

त्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तिथि नियत की

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पूर्व के आदेश के अनुपालन में रिपोर्ट पेश की। जिसमे कहा गया कि नैनीताल के भवाली सेनिटोरियम, मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाए जाने को उपयुक्त है। कार्यदाई संस्था ने भूमि का सर्व कर लिया है। अब उसे धरातल पर लाने के लिए शासन स्तर पर कार्यवाही चल रही है और अभी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी आनी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में प्रगति रिपोर्ट 13 फरवरी से पहले कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।

 

मुख्य न्यायाधीश जी नरेन्दर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। अस्पतालों में बेहतर उपचार की सुविधाएं नहीं हैं। स्टाफ की कमी और खराब पड़ी मशीनों के कारण मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। याचिका में कहा गया कि कई अस्पतालों में इंडियन हेल्थ स्टेंडर्ड के मानकों की कमी है। सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रार्थना की गई ताकि दूर दराज से सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।


Spread the love
और पढ़े  देहरादून- एलयूसीसी चिटफंड घोटाला, सीबीआई ने 2 और आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • Related Posts

    हल्द्वानी अग्निकांड: पार्सल से भरा था गोदाम, शटर के पास शॉर्ट सर्किट की एक चिंगारी से जला पूरा वेयरहाउस

    Spread the love

    Spread the loveहल्द्वानी में रामपुर रोड पर जीतपुर नेगी के पास अमेजन के वेयरहाउस में लगी आग इतनी वीभत्स थी कि दो वाहन पूरी तरह जल गए जबकि बाहर खड़ीं…


    Spread the love

    उत्तराखंड हाईकोर्ट- देहरादून में वृक्ष कटाई, शिकायतकर्ताओं के सामाजिक बहिष्कार पर HC का राज्य से जवाब तलब

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार को देहरादून के एक गांव में कथित अवैध वृक्ष कटाई और उसके बाद शिकायतकर्ताओं के सामाजिक बहिष्कार से संबंधित शिकायत…


    Spread the love