भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों को नहीं मानने के आरोप में कोटक महिंद्रा बैंक पर कार्रवाई की है। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (बीएसबीडी) खाते, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों से से जुड़े मानदंडों का पालन न करने के लिए बैंक पर 61.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि यह जुर्माना 11 दिसंबर 2025 के एक आदेश में लगाया गया।
आरबीआई के अनुसार, यह जुर्माना आरबीआई की ओर से जारी ‘बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच- बुनियादी बचत बैंक जमा खाता’ और ‘बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स (बीसी) की ओर से की जाने वाली गतिविधियों के दायरे’ से जुड़े निर्देशों का अनुपालन न करने के लिए लगाया गया है। नियामक ने बताया है कि यह कार्रवाई क्रेडिट सूचना कंपनी नियम, 2006 (सीआईसी नियम) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए हुई है।
आरबीआई ने कहा कि बैंक की 31 मार्च 2024 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में बैंक का वैधानिक निरीक्षण पर्यवेक्षी मूल्यांकन (आईएसई 2024) किया गया था। जांच के दौरान, आरबीआई ने पाया कि बैंक ने कुछ ऐसे ग्राहकों के नाम पर एक और बीएसबीडी खाता खोला था जिनके पास पहले से ही बैंक में ऐसे खाते थे।
आरबीआई के अनुसार बैंक ने व्यावसायिक संवाददाताओं के साथ ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक समझौता किया, जो गतिविधियों के दायरे में नहीं आती हैं। इसके अलावा बैंक ने कुछ कर्जधारकों के बारे में क्रेडिट सूचना कंपनियों (सीआईसी) को गलत जानकारी भी दी।
आरबीआई ने कहा कि नोटिस के जवाब में बैंक की ओर से दिए गए उत्तर और दलीलों पर विचार किया गया। आरबीआई ने पाया कि बैंक के खिलाफ लगे आरोप सही हैं। इस कारण बैंक पर जुर्माना लगाने का फैसला उचित है।









