PM की कूटनीति से खाड़ी देशों के साथ रिश्तों को नई मजबूती, इन GCC सदस्यों से मिला सर्वोच्च सम्मान

Spread the love

प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत कूटनीति की वजह से पिछले एक दशक में खाड़ी देशों के साथ भारत के रिश्तों में नई मजबूती आई है। उनकी हालिया ओमान यात्रा कई मायने में मील का पत्थर है। जानकारों का मानना है कि ओमान संग मुक्त व्यापार समझौता अब खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के अन्य सदस्य देशों के साथ व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम होगा।

 

मोदी की इसी कूटनीति का नतीजा है कि वह संबंधों को ऐसी ऊंचाई पर पहुंचाने में सफल रहे, जो पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने हासिल नहीं किया।

इन अभूतपूर्व रिश्तों का ही नतीजा है कि अब तक जीसीसी से छह में से पांच सदस्य प्रधानमंत्री मोदी को उनके देश का अपना सर्वोच्च सम्मान दे चुके हैं। ओमान ने हालिया यात्रा के दौरान उन्हें अपना सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत और खाड़ी देशों की साझेदारी हाइड्रोकार्बन और भारतीय कार्यबल पर शुरुआती निर्भरता से कहीं आगे बढ़ चुकी है।

 

व्यक्तिगत संबंधों को देते रहे हैं प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं के साथ व्यक्तिगत संबंधों को हमेशा प्राथमिकता दी है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ उनका संबंध गर्मजोशी भरा बताया जाता है। सऊदी के सुलतान सलमान बिन अब्दुलअजीज के साथ उनकी बातचीत ने रणनीतिक सामंजस्य के एक चरण को सुगम बनाया। बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा, कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह, ओमान के सुलतान हैथम बिन तारिक और कतर के अमीर शेख तमिम बिन हमद अल थानी, सबने उन्हें खुली स्वीकृति दी है, जो किसी विदेशी नेता को शायद ही दी गई हो।

 

कतर को छोड़ सबने किया सम्मानित
मोदी किसी भी अन्य भारतीय प्रधानमंत्री की तुलना में खाड़ी देशों के सबसे ज्यादा दौरे किए हैं। वह जीसीसी देशों के 15 दौरे कर चुके हैं। जीसीसी में छह सदस्य देश हैं, जिनमें कतर को छोड़ बाकी पांच देश मोदी को सर्वोच्च सम्मान प्रदान कर चुके हैं। यह सद्भावना का कोई अस्थायी क्षण नहीं है, बल्कि एक संरचनात्मक पुनर्निर्माण है। अब खाड़ी की पूर्व की ओर दृष्टि भारत को हाशिये में नहीं, बल्कि अपनी दीर्घकालिक सोच के केंद्र में पाती है। यह बदलाव वास्तव में भारत के पश्चिम एशिया के साथ संबंधों में अप्रत्याशित है।

  • ओमान : द फर्स्ट क्लास ऑफ द ऑर्डर ऑफ ओमान (दिसंबर 2025)
  • कुवैत : ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर (दिसंबर 2024)
  • बहरीन : द किंग हमद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां (अगस्त 2019)
  • संयुक्त अरब अमीरात : ऑर्डर ऑफ जायद (अगस्त 2019)
  • सऊदी अरब : ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुल अजीज (अप्रैल 2016)
और पढ़े  होली स्पेशल ट्रेनों की सूची 2026 -: होली के लिए चलेंगी 18 स्पेशल ट्रेनें, यहां लिस्ट देखकर पहले से कर लें टिकट

औपचारिकता भर नहीं सम्मान
मोदी को मिले सम्मान औपचारिकता भर नहीं हैं। जीसीसी में ये सम्मान केवल उन राजनेताओं को दिए जाते हैं, जिन्हें भरोसेमंद, विश्वसनीय और रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है। इसलिए जीसीसी देशों के सम्मान भारत के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत देते हैं। यह सम्मान खाड़ी क्षेत्र का उनके नेतृत्व और भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा पर दीर्घकालिक विश्वास को प्रतिबिंबित करता है।

मोदी के पुतिन और जेलेंस्की के साथ रिश्ते पूरी दुनिया के लिए उम्मीद की नई किरण
तालिन। एस्टोनिया में भारत के राजदूत आशीष सिन्हा ने रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान में पीएम नरेंद्र मोदी की भूमिका पर कहा कि उनके रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ निजी संबंध हैं। ये रिश्ते दुनिया में उम्मीद की किरण जगाते हैं। पीएम मोदी को मौजूदा दौर का सबसे अहम विश्व नेता बताते हुए राजदूत ने जोर दिया कि शांति के लिए भारत का निरंतर संदेश बाल्टिक क्षेत्र में गहराई से गूंज रहा है।


Spread the love
  • Related Posts

    ट्रंप बोले- अगर मैं दखल न देता तो जा सकती थी पाकिस्तानी PM की जान

    Spread the love

    Spread the loveअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में संबोधन देते हुए भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर उन्होंने…


    Spread the love

    जौलीग्रांट- हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर बवाल, स्थिति तनावपूर्ण, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका

    Spread the love

    Spread the love   हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर जौलीग्रांट थानों के पास बवाल हो गया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। थानो क्षेत्र में स्थित एक…


    Spread the love