रात्रिभोज में शामिल होने राष्ट्रपति भवन पहुंचे राष्ट्रपति पुतिन, मुर्मू ने किया स्वागत, रात्रिभोज में होंगे शामिल

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का आज दूसरा दिन है। आज के कार्यक्रम के तहत रूसी राष्ट्रपति आज राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद पुतिन राजघाट पहुंचे और राष्ट्रपति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दोनों नेताओं की हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। पुतिन आज भारत के उद्योगपतियों से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों में निवेश और व्यापार बढ़ाने से जुड़ी संभावनाएं तलाशेंगे।

 

 

राष्ट्रपति भवन पहुंचे पुतिन, द्रौपदी मुर्मू ने किया स्वागत

राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया है। जिसमें राष्ट्रपति पुतिन शामिल होंगे और इसके बाद वे स्वदेश रवाना हो जाएंगे।

 

भारत तकनीकी रूप से संप्रभु बन रहा है- पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आगे कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु नीति का पालन कर रहा है और साथ ही बहुत अच्छे परिणाम भी प्राप्त कर रहा है। आज, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत आर्थिक नीति और मेक इन इंडिया कार्यक्रम जैसी ऐतिहासिक पहल की बदौलत भारत तकनीकी रूप से संप्रभु बन रहा है। भारत का आईटी और फार्मास्युटिकल क्षेत्र दुनिया में अग्रणी स्थान रखता है।’

व्लादिमीर पुतिन ने कहा, ‘मैं रूस और भारत के बीच बहुआयामी आर्थिक संबंधों को गहरा करने पर विशेष ध्यान दे रहा हूं। आज की बैठकों के बाद, हमने भारत-रूस आर्थिक सहयोग विकसित करने के लिए एक दस्तावेज को अपनाया… रूसी व्यवसाय भारत से वस्तुओं और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला में खरीदारी बढ़ाने के लिए तैयार हैं। मैं व्यवसायों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि रूस सभी पहलों का समर्थन करेगा।’

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हम चाहते हैं कि हमारे बहुआयामी संबंध विकसित हों- पुतिन

भारत-रूस बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, ‘रूसी प्रतिनिधिमंडल केवल ऊर्जा मुद्दों पर चर्चा करने और तेल व गैस की आपूर्ति के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने ही नहीं आया है। हम चाहते हैं कि भारत के साथ कई क्षेत्रों में हमारे बहुआयामी संबंध विकसित हों। प्रधानमंत्री ने हमारी निजी बातचीत में कई मौकों पर इस बात पर जोर दिया है कि भारत में कई क्षेत्रों में व्यापक और बढ़ते अवसर मौजूद हैं, लेकिन अब तक इनका उस हद तक उपयोग नहीं किया गया है, जितना दोनों पक्ष चाहते हैं। यही कारण है कि हमने यह मंच आयोजित किया है।’


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