बागेश्वर-गरुड़ मोटर मार्ग रवाईखाल के पास सोमवार सुबह करीब छह बजे पहाड़ी दरकने से मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। जिला मुख्यालय से महज आठ से दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मुख्य मार्ग के बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुबह नौ बजे के बाद भी, यानी तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मार्ग नहीं खोला जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रवाईखाल में पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण मार्ग खोलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर बीआरओ के कर्मचारी तो मौजूद हैं, लेकिन तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने पर भी मलबे को हटाने के लिए भारी लोडर मशीन मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन की तैयारियों पर तीखा आक्रोश जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में हुई आपदा प्रबंधन की बैठकों में संवेदनशील रवाईखाल क्षेत्र में एक लोडर मशीन स्थायी रूप से तैनात रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद घटना के घंटों बीत जाने के बाद भी मौके पर मशीन का न पहुंचना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।





