G20 Summit: शिखर सम्मेलन में पहुंचे PM मोदी, राष्ट्रपति ने किया स्वागत, ट्रंप और पुतिन ने किया किनारा

अफ्रीका में पहली बार हो रही जी20 बैठक में दक्षिण अफ्रीका ने गरीब और जलवायु-प्रभावित देशों के हितों पर जोर दिया है। इस बैठक के लिए पीएम मोदी पहुंच चुके हैं। वहीं, ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग इस बैठक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

 

 

पीएम मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी से की मुलाकात
जी20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहानिसबर्ग के नासरेक एक्सपो सेंटर में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे गर्मजोशी से मिलते हुए आपसी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते दिख रहे हैं।

PM मोदी शिखर सम्मेलन में पहुंचे, राष्ट्रपति ने किया स्वागत; ट्रंप और पुतिन ने किया किनारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G20 शिखर सम्मेलन में पहुंचे। वहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के साथ बात भी की। बातचीत के वक्त दोनों नेता हंसते हुए दिखे। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की इस बैठक से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के शामिल नहीं हुए। फिलहाल ट्रंप के बहिष्कार के बावजूद शिखर वार्ता अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा
दक्षिण अफ्रीका ने इस सम्मेलन में जलवायु आपदाओं से लड़ रहे गरीब देशों के लिए मदद बढ़ाने, विदेशी कर्ज में राहत देने और हरित ऊर्जा के लिए सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहमति की उम्मीद जताई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने विकसित देशों के सामने इन मुद्दों को स्पष्ट रूप से रखा है। ट्रंप द्वारा दक्षिण अफ्रीका पर एंटी-व्हाइट नीतियों के आरोप के बाद अमेरिका ने सम्मेलन का बहिष्कार किया, जिससे दोनों देशों के बीच महीनों से जारी कूटनीतिक विवाद और गहरा गया।

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फ्रांस ने ट्रंप की अनुपस्थिति पर जताया अफसोस
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ट्रंप की गैरमौजूदगी खलती है, लेकिन इससे काम रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े वैश्विक संकटों के बीच यह नेताओं का कर्तव्य है कि वे एकजुट होकर आगे बढ़ें। जी20 में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं, जो मिलकर दुनिया की 85 प्रतिशत अर्थव्यवस्था और आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सहमति बनाना चुनौती, घोषणापत्र पर भी विवाद
जी20 प्रायः सर्वसम्मति से काम करता है और जोहान्सबर्ग में भी यही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि अमेरिका उस पर दबाव डाल रहा है कि सम्मेलन की अंतिम घोषणा को कमजोर किया जाए या इसे केवल मेजबान देश का बयान बनाया जाए। इस पर राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका धमकाया नहीं जाएगा और सभी देशों की सहमति से ही अंतिम घोषणा जारी की जाएगी।

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