यूपी में स्टेट जीएसटी के करीब 50 अफसर अरबों की जमीन खरीदने में फंस गए हैं। शुरुआती जांच में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की नामी-बेनामी जमीन खरीदने के दस्तावेज मिले हैं। अधिकांश रकम मोहनलालगंज में एक चर्चित बिल्डर के जरिये खपाई गई है। अभी तक 11 अधिकारियों के नाम करोड़ों की जमीन का खुलासा हो चुका है।
कोरोना काल बना कुबेर काल
विभागीय सूत्रों के मुताबिक कोरोना काल विभागीय अफसरों के लिए कुबेर काल साबित हुआ। वर्ष 2020 से पहले से जो अधिकारी जहां तैनात थे, उनका ट्रांसफर तीन वर्ष तक नहीं हुआ। बड़ी संख्या में ऐसे भी अफसर थे जो पांच साल तक एक ही जगह पर रहे। सूत्रों के मुताबिक तीन से पांच वर्ष के इस कार्यकाल में इतना पैसा आया कि उसे खपाना मुश्किल हो गया।
- यही कारण था कि बिल्डर के जरिये इस रकम को मोहनलाल गंज और सुल्तानपुर रोड में जमीन में निवेश के लिए दिया गया। बताया जा रहा है कि ये बिल्डर विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी का करीबी रिश्तेदार है। उसी अधिकारी के जरिये उसने विभाग में पैठ बनाई और नंबर दो की रकम खपाने का खुला आफर दिया।









