आज देशभर में करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रख रही हैं। शाम को पूजा और करवा चौथ की कथा के बाद सभी को चांद निकलने का इंतजार रहेगा। जानें…
करवा चौथ पर क्या दान करना चाहिए?
करवा चौथ के दिन महिलाएं अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र, लाल चुनरी और इत्र का दान कर सकती हैं। इसके अलावा धन और अन्न का दान करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य करने से सुख-समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
करवा चौथ पर क्यों की जाती है चंद्रदेव की पूजा?
करवा चौथ पर चंद्रमा के मंत्र
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:
- ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:
- ॐ सों सोमाय नम:
करवा चौथ मुहूर्त 2026
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:48 बजे से 5:39 बजे तक।
- सरगी का समय: ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद सरगी ग्रहण करें और व्रत का संकल्प लें।
- करवा चौथ पूजा मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक।
- पूजा विधि: शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा करें।
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से देर रात 12:31 बजे तक।
- व्रत पारण: चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलें।
करवा चौथ शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय समय
पूजा मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक
चंद्रोदय: रात करीब 8:17 बजे
करवा चौथ की पूजा सामग्री
- मिट्टी का करवा, एक ढक्कन, एक थाली
- माता के लिए चुनरी, गणेश जी, शिव जी और कार्तिकेय जी के लिए नए वस्त्र
- करवा चौथ व्रत कथा और आरती की एक पुस्तक
- चांद देखने की एक छलनी, लकड़ी की चौकी
- करवा माता, गणेश जी, भगवान शिव और कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर
- सोलह श्रृंगार समाग्री, एक कलश
- दीपक, रूई की बाती
- अक्षत्, चंदन, हल्दी, फूल
- मौली या रक्षासूत्र
- एक लोटा या गिलास
- शक्कर का बूरा
- पान का पत्ता, दही, कच्चा दूध
- कपूर, अगरबत्ती
- गेहूं, लहुआ, फल
- 8 पूरियों की अठावरी
- मिठाई, शहद, गाय का घी
- रोली, कुमकुम
- दक्षिणा, कुशा या सींक






