2 महीने के बिल के चक्कर में आम जनता की कट रही जेब।

हल्द्वानी। बिजली बिल से अधिक बिलों में अधिभार (सरचार्ज), ग्रीन टैक्स, आरडीएफ बिल और एक महीने से बजाए दो महीने बाद बिल दिए जाने से लोगों की जेब अधिक ढीली हो रही है। बिजली बिलों की गड़बड़ियों और मनमाना बिल की शिकायत को लेकर लोगों में आक्रोश है। बिजली बिलों में अधिक अधिभार वसूले जाने की शिकायत आम है। इसके अलावा चालू मीटर को खराब मीटर दर्शाकर मनमाना बिल वसूले जाने की भी शिकायतें सामने आती हैं। कहीं तय समय पर बिल नहीं मिलने तो कहीं एक महीने के बजाए दो महीने में बिल दिए जाने का आरोप ऊर्जा निगम पर लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली का बिल हर महीने दिया जाना चाहिए। दो महीने का बिल एक साथ देने से उन्हें तय टैरिफ से अधिक बिल का भुगतान करना पड़ता है। अधिभार उपभोक्ताओं से वसूले जाने की भी गलत परंपरा अपनाई गई है। इधर, ऊर्जा निगम का कहना है कि बिल नियमानुसार और टैरिफ के हिसाब से ही वसूले जाते हैं। कामर्शियल बिल एक महीने में और घरेलू बिल दो महीने में दिए जाने के निर्देश विद्युत नियामक आयोग ने ही दिए हैं।

और पढ़े  उत्तराखंड मौसम: भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, दो एनएच समेत 172 सड़क बंद, आपदा में अब तक 54 लोगों की मौत
  • Related Posts

    लालकुआं / हल्दूचौड़- सोयाबीन फैक्ट्री में मलबे की आड़ में बुल्डोजर से खुदाई का खेल? यूसीएफ ने बैठाई जांच

    हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स परिसर में चल रहे भवन ध्वस्तीकरण को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों के बाद यूसीएफ के महाप्रबंधक त्रिभुवन…

    देहरादून: CM धामी ने परिवार और मंत्रियों संग देखी हनुमान अंश, उत्तराखंड में टैक्स फ्री होगी फिल्म

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल में प्रसिद्ध संत नीब करौरी बाबा के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म हनुमान अंश…