–मैं अपने काम से मोटाहल्दू ग्रामीण बैंक में दिनांक 17-6- 2021 को गया था, मैंने बैंक में देखा कि किसी भी सिंगल विंडो या अन्यत्र ग्राहकों के लिए सैनिटाइजिंग की कोई व्यवस्था नहीं है जब मैंने इस अव्यवस्था के बाबत बैंक स्टाफ से पूछना चाहा तो स्टाफ की एक महिला कर्मचारी के द्वारा मुझसे यह कहा गया की “”जानते हो तुम किस से बात कर रहे हो मेरा पति वकील है मैं अभी पुलिस बुला सकती हूं”” जब पढ़े लिखे और सभ्य समाज के कहे जाने वाले लोग इस तरह की बातें कर सकते हैं ,,तो कैसे हम इस महामारी से बचाव के लिए औरों को सतर्क करेंगे। यह एक बहुत बड़ा सवाल है हमारे सामने। विनीत -कमल सनवाल। उत्तराखंड प्रदेश ऑर्गेनाइजर ह्यूमन राइट्स एंड एंटी करप्शन एसोसिएशन उत्तराखंड इकाईhttps://newbharat.net.in/wp-content/uploads/2021/06/InShot_20210619_151954569.mp4







