रुद्रप्रयाग : तीन दिनों से बद्रीनाथ हाईवे नरकोटा और खांखरा के बीच बंद केदारनाथ हाईवे के सोनप्रयाग में आया मलबा और बोल्डर, राजमार्ग पर आवाजाही ठप

जिलाधिकारी ने किया राजमार्गो के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण
भारी बारिश को देखते हुए अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश तीन दिनों से बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे नरकोटा और खांखरा के बीच मलबा आने से बंद पड़ा है, जबकि केदारनाथ हाईवे के सोनप्रयाग और नारायणकोटी में भारी बोल्डर और मलबा आया है, जिस कारण यहां पर भी राजमार्ग बंद पड़ा है। इसके अलावा हाईवे के कई जगहों पर पुश्ते ध्वस्त हो चुके हैं। ऐसे में जिलाधिकारी मनुज गोयल ने जनपद के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य मोटरमार्ग के बेलनी पुल सहित भाणाधार, नगर पालिका के ट्रेचिंग ग्राउंड, नरकोटा के समीप बंद हो रहे मोटर मार्ग व अगस्त्यमुनि आदि स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा।
बता दें कि भारी बारिश के कारण बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे नरकोटा और खांखरा के बीच बंद चल रहा है। किसी समय राजमार्ग को खोला तो जा रहा है, लेकिन फिर कुछ देरी में ही पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे राजमार्ग को खोलना मुश्किल हो रहा है। राजमार्ग के बंद होने से रुद्रप्रयाग और चमोली जिले की जनता खासी परेशान है। इसके साथ ही केदारनाथ हाईवे भी भारी बारिश के चलते कीचड़ में तब्दील हो गया है और राजमार्ग सोनप्रयाग और नारायणकोटी में बंद चल रहा है। राजमार्गो के स्थिति का जायजा लेने लिए जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। भारी मात्रा व अत्यधिक बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं जनपद के विभिन्न स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदी किनारे रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। साथ ही अनावश्यक रूप से घूम रह लोगों पर नजर रखने व नरकोटा में बाधित हो रहे मोटरमार्ग में कार्य कर रहे मजदूरों को सुरक्षा के दृष्टिगत जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को यहां पर फंसे लोगों को खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। रैंतोली स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड का निरीक्षण करने के दौरान अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सीमा रावत ने भारी बारिश के चलते हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी। इसके बाद तिलवाड़ा से होते हुए अगस्त्यमुनि व विजयनगर में नदी किनारे बसे लोगों को अन्यत्र स्थानों जैसे स्कूलों व आंगनबाड़ी में रहने की व्यवस्था के निर्देश थानाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत अगस्त्यमुनि को दिए।

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