रानीखेत : उद्यान निदेशक ने विश्व प्रसिद्ध चौबटिया गार्डन का किया निरीक्षण, सेब से लहलहाते पेड़ों को देखकर खुश हुए निदेशक

उद्यान विभाग के निदेशक डॉ0 हरमिंदर सिंह बवेजा दो दिन के लिए निदेशालय पहुँचे। इस दौरान उन्होंने विश्व प्रसिद्ध चौबटिया गार्डन का निरीक्षण किया और सेब से लहलहाते पेड़ों को देखकर उद्यान अधीक्षक डॉ बीके गुप्ता की सराहना की। आपको बता दें कि चौबटिया गार्डन की पूरे विश्व में स्वदेशी व विदेशी सेब को लेकर एक अलग ही पहचान है।उन्होंने गार्डन को और अधिक सुंदर बनाने के लिए नए- नए किस्म के फूलों को लगाने को कहा। वहीं उन्होंने कोरोना लॉक डॉउन की मार झेल रहे उद्यान गाइडों से भी मुलाकात की और पर्यटन सीजन नहीं चलने पर उनका एक साल का पंजीकरण शुल्क माफ करने को कहा। मशरूम सेंटर के बंद होने पर उन्होनें इसे जल्द शुरू करने को कहा। इस दौरान निदेशक ने निदेशालय भवन में एक किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया जिसमें उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनी। निदेशक ने काश्तकारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि असली साइंटिस्ट किसान है। वहीं उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर भी काश्तकारों से मुलाकात की ग्रामीणों ने निदेशक से बगीचे और मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी ली। निदेशक ने अधिकारियों को ग्रामीण काश्तकारों की समसयाओं को प्राथमिकता से निपटाने के आदेश दिए।

       उद्यान विभाग के निदेशक डॉ0 हरमिंदर सिंह बवेजा दो दिन के लिए निदेशालय पहुँचे। इस दौरान उन्होंने विश्व प्रसिद्ध चौबटिया गार्डन का निरीक्षण किया और सेब से लहलहाते पेड़ों को देखकर उद्यान अधीक्षक डॉ बीके गुप्ता की सराहना की। आपको बता दें कि चौबटिया गार्डन की पूरे विश्व में स्वदेशी व विदेशी सेब को लेकर एक अलग ही पहचान है।उन्होंने गार्डन को और अधिक सुंदर बनाने के लिए नए- नए किस्म के फूलों को लगाने को कहा। वहीं उन्होंने कोरोना लॉक डॉउन की मार झेल रहे उद्यान गाइडों से भी मुलाकात की और पर्यटन सीजन नहीं चलने पर उनका एक साल का पंजीकरण शुल्क माफ करने को कहा। मशरूम सेंटर के बंद होने पर उन्होनें इसे जल्द शुरू करने को कहा। इस दौरान निदेशक ने निदेशालय भवन में एक किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया जिसमें उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनी। निदेशक ने काश्तकारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि असली साइंटिस्ट किसान है। वहीं उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर भी काश्तकारों से मुलाकात की ग्रामीणों ने निदेशक से बगीचे और मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी ली। निदेशक ने अधिकारियों को ग्रामीण काश्तकारों की समसयाओं को प्राथमिकता से निपटाने के आदेश दिए।
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