मोटाहल्दू : एनएच की कार्रवाई से विरोध में ग्रामीण शोषण करने का लगाया आरोप

Spread the love

राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रहे पाड़लीपुर गांव में आज एनएचआई व भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग के पटवारी निम्न बिंदुओं की पैमाइश करने को लेकर लालकुंआ तहसील के अंतर्गत पाड़लीपुर गांव में पहुंचे जहां उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।

दरअसल बात यह है कि पाड़लीपुर के ग्रामीणों ने बताया अधिकारियों वह कुछ तथाकथित उद्योगपतियों की मिलीभगत से पूर्व की भांति सड़क का नक्शा चेंज कर दिया गया है। पूर्व में सड़क की सर्विस लाइन कहीं और दर्शाई गई थी लेकिन पूजी पतियों के दबाव में आकर सर्विस लाइन को अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। जिससे विगत 50 वर्षो से यहां निवास कर रहे ग्रामीणों को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, वही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन की नपाई करे बगैर पूरी जमीन को 3D कर दिया गया है और पूंजीपतियों के दबाव में आकर अब समय-समय पर ग्रामीणों को डराया जाता है। आज एनएचआई व एसएलओ विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि एनएचआई द्वारा जो उन्हें नक्शा उपलब्ध कराया है वह उसी के आधार पर जमीन की नपाई कर रहे हैं उन्होंने स्थिति को साफ नहीं बताया इससे ग्रामीणों का पारा चढ़ गया उन्होंने कहा कि अगर बगैर सही नपाई किए हुए उनके घरों को तोड़ा जाता है तो वह तत्काल बच्चों के साथ सड़क पर उतर जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस दौरान मुख्य रूप से डॉ बालम सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान रमेश जोशी, विक्की पाठक, मनोज बिष्ट, राजू शर्मा, संजय शर्मा, घनश्याम भगत, दीप भट्ट, जीवन बिरखानी, गगन जोशी, खेम चौहान, संजय थापा, गिरीश चन्द्र जोशी के अलावा दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

और पढ़े  उत्तरकाशी- हर्षिल पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, भागीरथी के बढ़ते जलस्तर से दहशत

Spread the love
  • Related Posts

    अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग…PG छात्र ने MBBS के विद्यार्थियों को किया परेशान, एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आज

    Spread the love

    Spread the loveसोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान और शोध संस्थान (अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज) में रैगिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पीजी छात्र ने एमबीबीएस बैच 2023…


    Spread the love

    उत्तराखंड- मदरसों का अस्तित्व केवल बोर्ड पर निर्भर, ये मान लेना सही नहीं, सरकार के फैसले पर जमीअत का बयान

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के संबंध में बुधवार को जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने बयान जारी किया। उन्होंने इस कानून के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने और…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *