उमस भरी गर्मी से महापंचायत में शामिल होने आए लोग कराह उठे। मंच पर दो नेताओं की भी हालत बिगड़ गई और इमरजेंसी में ले जाना पड़ा। एक महिला पत्रकार गर्मी में चक्कर खाकर गिर पड़ी। उमस भी गर्मी से आम जनता ही नहीं मंच पर बैठे नेता भी परेशान रहे। मंच पर कूलर और पंखे लगे थे और लगातार पानी की व्यवस्था भी हो रही थी। इसके बावजूद संयुक्त किसान मोर्चा के दो नेताओं की हालत बिगड़ गई। भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक को मंच के माइक से बोलकर मैदान परिसर में तैनात मेडिकल टीम को बुलाना पड़ा। मीडिया गैलरी में कई पत्रकारों की उमस भरी गर्मी में हालत बिगड़ी रही, एक महिला पत्रकार पूनम को बेहोशी की हालत में चिकित्सा शिविर पर ले जाना पड़ा। पंजाब की एक बुजुर्ग महिला बेहोश होकर गिर पड़ी। पंडाल में जब उमस भरी गर्मी में लोगों की हालत खराब हो गई तो उन्हें पंडाल से बाहर निकलना पड़ा। महापंचायत में उमस भरी गर्मी के चलते लोग जहां व्याकुल रहे, वहीं पानी नहीं मिलने से हालत खराब हो गई।
पंचायत सुबह नौ बजे से तीन बजे तक चलने से पंचायत परिसर के सभी पानी के टैंक खाली हो गए। भाकियू के कार्यकर्ता मीडिया कर्मियों तक को पानी उपलब्ध नहीं करा पाए। पंडाल में मौजूद लोगों की हालत बिन पानी बेहद खराब रही।
सीएमएस डॉ. पंकज अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के कारण हालत बिगड़ने पांच लोगों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां इन सभी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
किसान महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत ने भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मिशन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड नहीं, मिशन देश बचाने का होगा। कहा देश और संविधान दोनों को बचाना होगा। आज लड़ाई इस मोड़ पर आ गई कि जो 14 करोड़ लोग बेरोजगार हैं, उनके कंधों पर ये आंदोलन है।
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने तीन बड़े धोखे दिए हैं। पहला धोखा यह कि रेल व हवाई अड्डे बेचे जाएंगे, यह घोषणा पत्र में नहीं लिखा गया था। फिर किसने यह ताकत दी? दूसरा धोखा यह किया कि बिजली बेचेंगे, प्राइवेट करेंगे, यह उनके घोषणा पत्र में नहीं था। वहीं जब लोगों से वोट मांगी, तब नहीं कहा कि बिजली बेचेंगे, फिर अब ऐसा क्यों? तीसरा धोखा यह किया कि सड़कें बेचेंगे, उस पर टैक्स लगाएंगे। यह भी घोषणा पत्र में नहीं लिखा था। अब देख लो क्या-कया चीजें बिक रही हैं। एलआईसी जो देश की बड़ी कंपनी है लेकिन अब ये सब बिक रहे हैं। इनके खरीदार अडानी और अंबानी हैं, कोई और नहीं।








