नैनीताल / हल्द्वानी : हंसादत्त जोशी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत, कही 38 बीघा जमीन तो नही बनी हत्या का कारण, प्रॉपर्टी डीलर सहित 2 अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा

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ऊंचापुल चीनपुर में रिटायर्ड पोस्टमास्टर हंसा दत्त जोशी की अपने ही घर में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बेटियों ने 38 बीघा जमीन का विवाद बताकर प्रॉपर्टी डीलर सहित दो लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि हंसादत्त को बेस अस्पताल लेकर गए दो लोग उनकी मौत होने पर वहां से चले गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दूसरी बार शव का पोस्टमार्टम कराया।
65 वर्षीय हंसा दत्त जोशी घर में अकेले रहते थे। बुधवार की शाम तबियत बिगड़ने पर एक प्रॉपर्टी डीलर सहित दो लोग उन्हें बेस अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीओ शांतनु पाराशर ने बताया कि हंसा दत्त के दाहिने हाथ, नाक और सिर में चोट के निशान थे। जो लोग उन्हें अस्पताल लाए वे मौत के बाद चले गए। हंसा दत्त की छोटी बेटी सौम्या अपने ताऊ के घर मुखानी में रहती हैं। वह दिल्ली स्थित एक मल्टीनेशल कंपनी में कार्यरत हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते घर से ही काम कर रही हैं।
बड़ी बेटी प्राची दिल्ली स्थित एक होटल में नौकरी करती हैं। सौम्या के अनुसार उन्होंने बटाईदार देवेंद्र सिंह को फोन किया तो उन्हें मौत की बात बताई गई। जानकारी मिलने पर एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ शांतनु पाराशर, मुखानी थानाध्यक्ष कवींद्र शर्मा ने मौके का मुआयना किया।
छोटी बेटी सौम्या ने इस मामले में मुखानी थानाध्यक्ष को तहरीर देकर आरोप लगाया कि प्रॉपटी डीलर शिवा गिनवाल और अक्षय तिवारी ने उनके पिता की हत्या की है। मारने के बाद दोनों पिता को बेस अस्पताल लेकर गए थे। दोनों ने उसके पिता की 38 बीघा जमीन हथिया लिया है। जमीन की कीमत करोड़ों में हैं। दोनों उसके पिता के इर्द गिर्द रहते थे। पिता की मौत के बाद भी दोनों ने उन्हें जानकारी नहीं दी। थानाध्यक्ष कवींद्र शर्मा ने बताया कि शिवा और अक्षय के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
शवयात्रा की तैयारी के बीच शव दूसरी बार मोर्चरी भेजा
हल्द्वानी। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद परिजन हंसा दत्त जोशी के शव को घर ले आए। रानीबाग के लिए शवयात्रा की तैयारी की जा रही थी। इस बीच एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ शांतनु पाराशर फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ वहां पहुंच गए। टीम ने कमरे की जांच की।
इसके बाद एसपी सिटी ने शव का पैनल के डॉक्टर और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया। एसपी सिटी के निर्देश पर शव मोर्चरी के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार बाथरूम में खून पड़ा था। हंसा दत्त की एक जोड़ी चप्पल बाहर थी लेकिन मौत के बाद गायब थीं। बुजुर्ग के हाथ में पेड़ का पत्ता था।
एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र का कहना है कि मौके का निरीक्षण किया गया है। हत्या के अभी साक्ष्य नहीं मिले हैं। शव का शुक्रवार को दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सभी साक्ष्यों के मिलान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फोरेंसिक विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल शरण का कहना है कि पता चला है कि रिटायर्ड पोस्ट मास्टर बाथरूम में पड़े मिले थे। इस कारण बाथरूम से ब्लड, हेयर और फिंगर प्रिंट उठाया गया है। जांच के बाद अन्य चीजें सामने आएंगी।
पुलिस को मिले साक्ष्य
– दाहिने हाथ, नाक और सिर में चोट के निशान थे।
– बाथरूम में खून पड़ा था।
– हंसा दत्त की एक जोड़ी चप्पल गायब हो गई।
– उनके हाथ में पेड़ का पत्ता था।
एक दिन के लिए टला अंतिम संस्कार
हल्द्वानी। शव के संस्कार के लिए स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए थे। पिंडदान और अन्य कर्मकांड चल रहे थे। रानीबाग शव लेकर जाने के लिए वाहन को भी लाया गया था। दोबारा पोस्टमार्टम के निर्देश के बाद अंतिम संस्कार का कार्यक्रम एक दिन के लिए स्थगित हो गया।
पुलिस खुलकर बोलने को तैयार नहीं
हल्द्वानी। पुलिस शक के चलते दो लोगों से पूछताछ कर रही है। बटाईदार से भी काफी देर तक पूछताछ की गई। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। उधर, प्रशिक्षित डॉग ने घटनास्थल को सूंघने के बाद पास के मंदिर तक दौड़ लगाई। इसके बाद लौटकर चला आया।
पत्नी की भी हुई थी संदिग्ध हालात में मौत
हल्द्वानी। परिजनों ने बताया कि हंसादत्त की पत्नी विमला की भी 1995 में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। हंसादत्त तीन भाइयो में सबसे छोटे थे। बड़े भाई नारायण दत्त जोशी और दूसरे नंबर पर महेश चंद्र जोशी हैं। दोनों रिटायर्ड अध्यापक हैं। मां की मौत के बाद हंसा दत्त की दोनों बेटियां बड़े भाई नारायण दत्त के साथ रहतीं हैं।
10 दिन पहले डीएम से शिकायत करने पर मिला था स्टे
हल्द्वानी। सौम्या का आरोप है कि 38 बीघा जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर उसमें निर्माण कार्य करना शुरू किया था। यह भी पता चला कि पिता को झांसा देकर एक प्रॉपर्टी डीलर ने जमीन हथिया ली थी। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने 21 सितंबर को डीएम को प्रार्थनापत्र देकर उस पर स्थगनादेश लिया था। इसके बाद निर्माण कार्य रुकवाया गया था।
सौम्या के अनुसार जमीन विवाद के चलते उसके पिता को लंबे समय से जान माल का खतरा बना हुआ था। अप्रैल में एसएसपी और थाने तक इसकी लिखित शिकायत की गई थी। आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
तीनों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने की मांग
हल्द्वानी। सौम्या ने पुलिस से पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर और रायफल को कब्जे में लेने के साथ ही तीनों मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल खंगालने की मांग की है। सीओ का कहना था कि इस मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जाएगी।

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