नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच एक बार फिर खतरे के संकेत मिले हैं. त्रिशूली इलाके में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते बचाव अभियान को फिलहाल अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है. खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं. प्रशासन ने नदी के आसपास के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
बारिश ने फिर बढ़ाई मुश्किल
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से हजारों सुरक्षाकर्मी और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रहे हैं. लेकिन पहाड़ी इलाकों में लगातार बदलता मौसम और बढ़ता नदी का पानी राहत कार्यों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
त्रिशूली नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हेलिकॉप्टर से चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा. प्रशासन की प्राथमिकता अब लोगों को सुरक्षित करना और नदी के आसपास के इलाकों पर लगातार निगरानी रखना है. जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की चेतावनी दी गई है।
हजारों लोगों को बचाया गया, फिर भी बड़ी संख्या में लोग लापता
भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ में अब तक 579 शव बरामद किए जा चुके हैं. वहीं, नेपाल सरकार के मुताबिक, राहत-बचाव अभियान में अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से बाहर निकाले गए 191 लोग भी शामिल हैं. अभियान में नेपाल सेना और निजी क्षेत्र के 16 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं और अब तक 99 हवाई उड़ानें हो चुकी हैं।
नेपाल सेना ने बताया कि 26 अगस्त से अब तक 2,101 लोगों को बचाया गया है. नेपाल सरकार के मुताबिक, रेस्क्यू और राहत अभियान में 15,431 सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. इनमें 6,698 सेना, 4,473 नेपाल पुलिस और 3,658 आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान शामिल हैं।हालांकि, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है, जिससे कई इलाकों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है।
सबसे बड़ा डर- कहीं फिर न बढ़ जाए पानी
बचाव अभियान के बीच नदी का बढ़ता जलस्तर और दोबारा बाढ़ का खतरा चिंता बढ़ा रहा है. बोटेकोशी और निचले नदी बेसिन में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है. दो लाख से ज्यादा लोगों को SMS के जरिए चेतावनी भी भेजी गई है. नेपाल सरकार के मुताबिक, राहत-बचाव अभियान जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टरों का संचालन प्रभावित हुआ है. मौसम साफ होने पर हवाई रेस्क्यू फिर तेज होने की उम्मीद है. फिलहाल बचाव दल लापता लोगों की तलाश के साथ नदी के बढ़ते जलस्तर पर भी नजर बनाए हुए हैं।





