अयोध्या : महंत धर्मदास ने ट्रस्ट पर लगाएं गंभीर आरोप..

Spread the love

रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये बनाये गये राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर विवादों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।अब वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई में रामलला के पक्षकार रहे निर्वाणी आनि अखाड़ा के महंत धर्मदास ने ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुये कोर्ट में जाने की बात कही है। महंत धर्मदास ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित सभी सदस्यों पर आरोप लगाते कहा कि चंपत राय ने भगवान की संपत्ति को अपने नाम से लिखवाकर चोरी किये है। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी के विवादित बयान पर कटाक्ष की है कि वो लोग अयोध्या के संतों का परीक्षण करायेंगे जिन्हें ये नहीं पता कि सनातन धर्म मे सालिगराम की पूजा कैसे की जाती है।

-महंत धर्मदास ने आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिये बनाये गये ट्रस्ट के लोग चंदे के रुप में आने वाले धन की लूट खसोट में लगे हैं। जो भी पैसा चंदे के रुप में आया है वह भगवान राम का है और उन्हीं के नाम से रखा जाना चाहिये किसी और व्यक्ति या ट्रस्ट के नाम से पैसा जमा किया जाना गलत है। और जिन लोगों के नाम पैसा जमा किया जा रहा है वह सब व्यापारी और लूट खसोट करने वाले लोग हैं। पैसों को किस तरह से ठिकाने लगाना है यह भी इनसे बेहतर कोई नहीं जानता।इनके पास भगवान का पैसा सुरक्षित नहीं है इसलिये हम सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा कर के न्यायलय से पैसा भगवान रामलला के नाम जमा करवाने की मांग करेंगे। कोर्ट जाने से पहले हनुमान जी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिये हनुमानगढ़ी में 11 दिन तक सुंदरकांड का पाठ किया जायेगा।प्रतिदिन दो वैदिक ब्राह्मणों द्वारा सुंदरकांड के 68 परायण किये जायेंगे।वहीं उन्होंने कहा कि इस धार्मिक अनुष्ठान से हनुमान जी प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देंगे जिससे हम कोर्ट में जीत हासिल करेंगे।

और पढ़े  मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन,मौत का कारण अभी पता नहीं

-ट्रस्ट में शामिल भ्रष्टाचारी सदस्यों को बाहर निकलवाने में भी कामयाब होंगे।वहीं अयोध्या के ही एक और महंत दिलीप दास ने भी महंत धर्मदास का समर्थन करते हुये कहा कि यह राम जी की सम्पति से छेड़छाड़ के विरोध में यह विशेष अनुष्ठान किया जा रहा है।ट्रस्ट के लोग राम के नाम पर पैसा लूट रहे हैं। उन्होनें भरत का उदाहरण देते हुये कहा कि जिस तरह से भरत जी ने चौदह वर्षों तक भगवान की खड़ाऊं सिंहासन पर रखकर राज चलाया उसी तरह से मंदिर निर्माण के लिये बने ट्रस्ट को भी राम की संपत्ति राम लला के नाम ही रखना चाहिये था जबकि ऐसा न करके लोग अपनी अपनी तरह से पैसों का बंदरबांट करने में लगे हुये हैं। हम चाहते हैं कि जैसे अयोध्या के 14 हजार मंदिरों की व्यवस्था सारे साधू संत सम्भालते हैं उसी तरह से राम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर की भी व्यवस्था साधु परंपरा के अंतर्गत होनी चाहिये। कोर्ट में सफलता मिले इसके लिए हनुमान जी से प्रार्थना की जा रही है।


Spread the love
  • Related Posts

    प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा- नीला पड़ गया था प्रतीक का शरीर, दिल और विसरा सुरक्षित रखा

    Spread the love

    Spread the loveपूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई, प्रतीक यादव (38) का लखनऊ में निधन हो गया है। वे समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे…


    Spread the love

    मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन,मौत का कारण अभी पता नहीं

    Spread the love

    Spread the loveउत्तरप्रदेश के बड़ी खबर है। मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। प्रतीक यादव के निधन…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *