अयोध्या : दो प्रत्याशी आपस में भिड़े, जमकर हुई मारपीट।

अयोध्या जिले के थाना महराजगंज इलाके में ब्लाक प्रमुखी चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल के ही दो प्रत्याशी आपस में भिड़ गए और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट भी हुई। आरोप है कि मारपीट के दौरान दूसरे पक्ष ने फायरिंग भी किया और एक वाहन में तोड़फोड़ भी हुई है।आपको बता दें कि पूरा ब्लाक प्रमुख के पद पर अपना कब्जा जमाने के लिए प्रत्याशी हर हथकंडा अपना रहे हैं। इस पद के दो प्रत्याशियों के बीच मारपीट व खून खराबे का मामला सामने आया है। बीती रात हुई घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस महकमे हड़कम्प मचा है और दोनों पक्षों के सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण पुलिस उहापोह में है।सूत्रों के मुताबिक़ शिवेन्द्र सिंह पूरा ब्लाक प्रमुख के भावी प्रत्याशी हैं और अपने साथियो के साथ देवगढ़ गांव एक बीडीसी के घर प्रचार के लिए गए थे। शिवेन्द्र सिंह के भाई दीपेन्द्र सिंह का आरोप है कि उसी समय देवगढ़ के निवासी विकास सिंह व राजेपुर निवासी विनोद सिंह ने उनके साथ चुनाव प्रचार को लेकर मारपीट शुरू कर दिया और असलहे से ताबड़तोड़ फायरिंग भी की। शिवेन्द्र सिंह ने एक घर में भाग कर अपनी जान बचाई। मौके पर मिले शिवेन्द्र सिंह के वाहन में उन लोगों ने जमकर तोड़फोड़ भी की।जानकरी के मुताबिक सीओ सदर के साथ तीन थानों की पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और जायजा लिया। मामले में पुलिस ने चार लोगों को पकड़कर थाने ले आई है और उनसे पूछताछ कर रही है। जिस वाहन में तोड़फोड़ हुई उसे भी पुलिस थाने ले आई है।पुलिस ने मामले में अभी तक कोई तहरीर नही मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

और पढ़े  एलपीजी गैस बुकिंग में बदलाव: उपभोक्ता को 1 अक्तूबर तक करना होगा ये काम, घर बैठे आप भी पूरी कर सकते हैं शर्तें
  • Related Posts

    स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर HC सख्त:- DM और मुख्य सचिव को दिया ये आदेश, एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट

    हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा…

    UP में जमीन से बेदखल होने के डर में किसान,जमीन से बेदखल होने के भय में तराई के किसान, पीढ़ियों से खेती कर रहे सिखों का…

    उत्तराखंड बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक फैले तराई के विशाल कृषि क्षेत्र में इन दिनों गहरी बेचैनी है। देश का बंटवारा, 84 के दंगे और आतंकवाद का दौर सह चुके…