अब नमक खाने पर WHO ने की गाइडलाइन जारी, पढ़ें पूरी खबर….

संगठन ने हर व्यक्ति के लिए दिन में मात्र 5 ग्राम नमक का सेवन करने की सिफारिश की है।
नमक के बिना भोजन एकदम बेस्वाद लगता है। इसमें कोई दो राय नहीं है । लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नमक का ज्यादा सेवन करने से क्या होता है। WHO के हाल ही के अध्ययन में कहा गया है कि अतिरिक्त नमक खाने से हर साल 3 मिलियन लोगों की मौत होती है। अब इस संख्या को कम करने के लिए संगठन ने लोगों को दिन में मात्र 5 ग्राम नमक का सेवन करने के लिए कहा है।

इसके साथ खाद्य पर्यावरण में सुधार और जीवन को बचाने के लिए 60 से ज्यादा फूड कैटेगरीज में सोडियम लेवल के लिए नए मानदंड तैयार किए हैं। माना जा रहा है कि ये बेंचमार्क 2025 तक नमक की खपत में 30 प्रतिशत तक कमी लाएगा।

WHO की मानें, तो हम सभी जरूरत से दो गुना ज्यादा नमक खा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सोडियम और पोटेशियम का संतुलन हमारे शरीर में जरूरी है। कम पोटेशियम के साथ ज्यादा सोडियम के सेवन से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। भोजन में नमक की ज्यादा मात्रा से ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, वहीं ये हड्डियों को भी कमजोर बना देता है.
एक स्वस्थ प्लाज्मा बनाने और तंत्रिका के स्वास्थ्य में सुधार के लिए नमक का सेवन जरूरी माना गया है। यह प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड फूड , डेयरी और मांस जैसी फूड कैटेगरीज में ज्यादा पाया जाता है। हालांकि, मसालों, नमकीन में भी इसकी मात्रा बहुत होती है।
WHO के आंकड़ों के अनुसार, ज्यादातर लोग औसतन हर दिन 9-12 ग्राम नमक का सेवन करते हैं। संगठन ने यह अनुमान लगाया है कि अगर नमक की खपत को अनुशांसित स्तरों तक घटा दिया जाए , तो वैश्विक स्तर पर 2.5 मिलियन मौतों को रोका जा सकता है।

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