नैनीताल। हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ के कोतवाल रमेश तनवर के अधिवक्ता प्रभात सिंह बोरा के साथ अभद्रता करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पुलिस को अधिवक्ता, उसके परिवार और उनकी संपत्ति की सुरक्षा प्रदान करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक कोतवाल लाइन हाजिर ही रहेंगे। कोर्ट ने पुलिस विभाग को तीन सप्ताह में विस्तृत जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवतार सिंह रावत और महासचिव विकास बहुगुणा ने अधिवक्ता की ओर से खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर कर कहा था कि अधिवक्ता प्रभात किसी केस के सिलसिले में कोतवाली पिथौरागढ़ गए थे। वहां गाड़ी पार्किंग को लेकर विवाद के बाद कोतवाल ने गाली गलौज कर उन्हें थाने से धक्के मारकर बाहर कर दिया। शिकायत पर एसपी सुखबीर सिंह ने कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया था। अधिवक्ता ने उन्हें व परिवार को सुरक्षा देने की मांग की थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के आदेश दिए हैं।







