हल्द्वानी- BJP कार्यक्रम के बाद भी नहीं हटे पोस्टर-बैनर, नियम कानून कुछ नहीं

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भाजपा नेताओं को कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी की सुंदरता से कोई लेना देना नहीं है। यदि पार्टी और उसके नेता शहर को सुंदर बनाना और देखना चाहते तो पार्टी के कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी मुख्य चौराहों से लेकर खंबों और डिवाइडरों तक लगाए गए बेतरतीब पोस्टर बैनर और झंडों को उतरवा लेते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पार्टी के कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भी शहर में जगह जगह अवैध और बेतरतीब तरीके से पार्टी के झंडे और पोस्टर बैनर लगे हुए हैं। सत्ता की हनक के आगे यहां सरकारी नियम कानून बौने नजर आ रहे हैं।

 

पिछले महीने 21 मार्च को रक्षा मंत्री नेता राजनाथ सिंह हल्द्वानी शहर में थे। उनके स्वागत के लिए पार्टी ने काठगोदाम और तिकोनिया से लेकर एमबी इंटर कालेज तक चप्पे चप्पे में पोस्टर, बैनर और झंडे लगाए। तिकोनिया स्थित पंडित दीन दयाल चौक और डिवाइडर को भी भाजपाई डंडे-झंडों व नेताओं के कटआउट्स से सजाया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद नेताओं के कटआउट्स तो हटा लिए गए लेकिन डंडे-झंडे आज भी जगह जगह बिखरे पड़े हैं।

कुछ ऐसा ही हाल रामपुर रोड का है जहां डिवाइडर में भी पार्टी के झंडे ही झंडे नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं नैनीताल रोड, रामपुर रोड, बरेली रोड और कालाढूंगी रोड में बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंबों में सीएम पुष्कर सिंह धामी, शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, नवीन भट्ट, महेश शर्मा समेत कई नेताओं के फ्लैक्स लगे हुए हैं। भाजपा के ही नहीं बल्कि कई अन्य संस्थाओं और संगठनों के भी पोस्टर बैनर शहर के रंग को बदरंग कर रहे हैं। इन फ्लैक्स को लगाने के लिए न तो नगर निगम से अनुमति ली गई है और न ही संबंधित विभागों से। राजनाथ का कार्यक्रम संपन्न हुए एक पखवाड़ा होने को है लेकिन उनके स्वागत के लिए लगाए गए पार्टी के झंड़े और पोस्टर बैनर आज भी जस के तस हैं। कई बार तो पार्टी के झंडे सड़क में गिरे नजर आते हैं और सड़क पर दौड़ने वाले वाहन उन्हें रौंदते हुए आगे निकल जाते हैं।

और पढ़े  नैनीताल हाईकोर्ट- हल्द्वानी में हाईकोर्ट शिफ्टिंग की तैयारी फिर जोर में,अब रामपुर रोड यहां तलाशी जा रही जमीन।।

 

अपराध की श्रेणी में आता है सरकारी व निजी संपत्ति को गंदा करना
उत्तराखंड सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2003 (संशोधित 2024) राज्य में सरकारी या निजी संपत्तियों को पोस्टर, पेंटिंग या अन्य तरीकों से गंदा करने से रोकता है। सरकारी अथवा निजी संपत्ति को गंदा करना अपराध की श्रेणी में आता है। शहर में पिछले काफी समय से इस अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है।

जुर्माने व सजा दोनों का है प्रावधान
सार्वजनिक स्थानों पर निकाय की अनुमति के बिना पोस्टर, बैनर व झंडे लगाने पर उत्तराखंड सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत जुर्माने व सजा का प्रावधान है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम ने इस अधिनियम का उल्लंघन होने के बाद भी आज तक भाजपा के किसी जिम्मेदार को न तो नोटिस दिया है और न ही कोई कार्रवाई की है।

समय समय पर नगर निगम की ओर से अवैध रूप से लगाए गए बैनर पोस्टर हटाए जाते हैं। अभी भी शहर में कई जगह पोस्टर बैनर लगे हैं जिन्हें हटाने के लिए शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा।– परितोष वर्मा नगर आयुक्त

पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से कुछ जगह झंडे आदि लगाए गए थे। यदि वह अव्यवस्थित होंगे अथवा उनसे शहर की खूबसूरती पर असर पड़ रहा होगा तो उन्हें ठीक करा दिया जाएगा।– प्रताप बिष्ट भाजपा जिलाध्यक्ष


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