नई दिल्ली- कोरोना के रोगियों की भारी बढ़ोत्तरी के विरुद्ध लड़ाई में रक्षा मंत्रालय के सभी लोक उपक्रम (डीपीएसयू) और आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) नागरिक प्रशासन की हर सम्भव सहायता मे लगे.

Spread the love

देशभर में हाल के दिनों में कोविड-19 संक्रमित रोगियों की संख्या में आई भारी बढ़ोत्तरी के विरुद्ध लड़ाई में रक्षा मंत्रालय के सभी लोक उपक्रम (डीपीएसयू) और आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) नागरिक प्रशासन/राज्य सरकारों की हर सम्भव सहायता कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में ये संगठन अपने वर्तमान संसाधनों और सेवाओं का राज्यों की सरकारों के साथ समन्वय करते हुए नागरिक प्रशासन की सहायता में जुटे हुए हैं। इसके लिए उन्हें रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा हाल में ही आयोजित समीक्षा बैठकों से निर्देश प्राप्त हुए हैं।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वार बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थापित गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू), ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सहायता युक्त 180 बेड वाले कोविड देखरेख केंद्र ने अपना काम शुरू कर दिया है। रक्षा क्षेत्र के इस लोक उपक्रम ने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत बेंगलुरु में 250 बेड वाली सुविधा का भी निर्माण करके उसे नगर निकाय प्रशासन को सौंप दिया है। कोरापुट, ओडिशा में एक 70-बेड वाली सुविधा और महाराष्ट्र के नासिक में एक 40-बेड वाला अस्पताल भी इस समय चालू है। एचएएल द्वारा लखनऊ, उत्तर प्रदेश में भी 250-बेड वाली एक कोविड सुविधा का निर्माण किया जा रहा है। इसके मई के पहले सप्ताह में खुल जाने की संभावना है। इसके साथ ही एचएएल की लखनऊ और बेंगलुरु में और अधिक वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पॉइंट्स उपलब्ध कराने की योजना है।
आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा और उत्तराखंड में 25 स्थानों पर स्थापित अपने उपक्रमों में ऑक्सीजन बेड सहित कोविड देखरेख सेवाएं प्रदान कर रहा है। बोर्ड ने अपनी क्षमता का लगभग 60 प्रतिशत कोविड-19 देखरेख के लिए निर्धारित कर दिया है। वस्तुतः इसकी क्षमता के कुल 1,405 बेड्स में से 813 इस समय कोविड रोगियों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। यह सुविधाएं महाराष्ट्र के अम्बरनाथ, नागपुर, भंडारा, चांदा, वरनगाँव में तथा पश्चिम बंगाल के ईशापुर और कोलकाता में हैं। जिन अन्य स्थानों पर ओएफबी ने सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं, उनमें, उत्तर प्रदेश में कानपुर (2), शाहजहांपुर (1) और मुरादनगर (1); मध्य प्रदेश में जबलपुर (3), इटारसी (1) और कटनी (1); तमिलनाडु में अवाडी (1), अरुवनकाडू  (1) और तिरुचिरापल्ली (1) ; तेलंगाना में मेडक (1); उत्तराखंड में देहरादून (1) और ओडिशा में बड्माल (1) शामिल हैं I
रक्षा मंत्रालय के कई अन्य लोक उपक्रमों जैसे भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल), बीईएमएल लिमिटेड, एचएएल, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल), गार्डेनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड और एमआईडीएचएएनआई ने भी सीएसआर के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के सरकारी चिकित्सालयों में वितरण के लिए ऑक्सीजन संयंत्र खरीदने की अपनी प्रक्रियाओं को तेज कर दिया है।

और पढ़े  कोटद्वार- संदिग्ध परिस्थितियों में नवदंपती की मौत, पेड़ पर फंदे से लटके मिले दोनों के शव, पुलिस जांच में जुटी

Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून- कांवड़ मेले तैयारी के लिए एसडीआरएफ की आठ रेस्क्यू टीमें तैयार, 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजन

    Spread the love

    Spread the loveतीस जुलाई से लेकर 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेले के लिए एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांवड़ यात्रा में…


    Spread the love

    हरिद्वार गंगा कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, CM धामी ने किया 235 करोड़ की योजना का शिलान्यास

    Spread the love

    Spread the loveमुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के माध्यम से संचालित हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के तहत 235 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया।…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *