शहर और आसपास में हुई बारिश से बृहस्पतिवार को सहस्रधारा में बाढ़ जैसे हालात हो गए। यहां पर्यटकों के नहाने के लिए बनीं तालाबों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। उधर, गुच्चूपानी में नहाने गए सात पर्यटक फंस गए जिन्हें एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बचाया। इनके अलावा शहर में हुई तेज बारिश से कई जगह जलभराव की स्थिति भी बनी।
पिछले साल आई आपदा ने सहस्त्रधारा में बड़ी तबाही मचाई थी। पुनर्निमाण के बाद गर्मी में यह पर्यटक स्थल फिर से गुलजार हो रहा था लेकिन बृहस्पतिवार को बारिश से तालाबों की दीवारें फिर से टूट गई। गनीमत यह रही कि समय रहते यहां से पर्यटकों को निकाल लिया गया जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
दूसरी ओर गुच्चूपानी में नहाने गए सात पर्यटक तेज बहाव के चलते एक टापू पर फंस गए। एसडीआरएफ एसएसपी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि शुरुआत में सूचना मिली थी कि यहां पर तीन पर्यटक फंसे हैं। जब टीम पहुंची तो देखा कि सात पर्यटक उफनती नदी में टापू पर फंसे हुए हैं। पानी का बहाव तेज होने के कारण पर्यटक बेहद घबराए हुए थे। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया और सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
बचाए गए पर्यटकों में डोईवाला निवासी रोहित, मनीष व सागर थापा, तिलक रोड निवासी मनीष, चंद्र विहार निवासी अंकित, प्रेमनगर निवासी नवजोत और बड़ोवाला निवासी सौरभ सिंह शामिल हैं।
तेज हवा में प्रेमनगर में एक पेड़ भी टूट गया। वहीं बारिश के दाैरान शहर के प्रिंस चौक पर सीवर ओवरफ्लो होने से आसपास में जलभराव हुआ जिससे दुर्गंध से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।







