एक तरफ सरकारों के चौतरफा विकासों के बड़े बड़े वादे,दावे तो दूसरी तरफ राज्य आंदोलनकारियों व शहीदों की सहमति एवं भावनाओं की उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण आज भी उन विकासों की राह ताक रही है।
कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गैरसैंण के लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में सरकारों का विकास आज भी कोसों दूर है।बात चाहे स्वास्थ्य की करें, शिक्षा की करें या सड़कों की करें या नेटवर्क कनेक्टीविटी की करें तो इन सभी मूलभूत जरूरतों के लिए यहां की जनता आज भी जूंझ रही है।
जिस प्रकार से उत्तराखंड की राजधानी के लिए यहां गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन, सचिवालय और विधायक आवास सहित तमाम ढांचे खड़े तो कर दिए गए हैं परंतु उसके अनुरूप गैरसैंण क्षेत्र में राजधानी के लिए प्रर्याप्त सुविधाएं नहीं जुटाई गई है।गैरसैंण के लोगों ने निवर्तमान विधायक के कार्यकाल को भी असफल बताया। स्थानीय लोगो ने गैरसैण को अस्थाई राजधानी न बनाये जाने को लेकर भी दोनों सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। दोनों ही सरकार गैरसैण को अस्थाई राजधानी बनाना ही नही चाहती है। केवल गैरसैण राजधानी के नाम और अपनी राजनीति चमकाने के कार्य करती है। क्या 2022 मैं सत्ता मैं आई पार्टी गैरसैण को अस्थाई राजधानी बनाने का कार्य करेगी इस सिर्फ गैरसैण फिर से गैर ही बन कर रह जायेगा।







