उत्तराखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी सौगात दी है। एमबीबीएस के छात्रों की एक साल की निर्धारित चार लाख रुपये की फीस को 1.45 लाख रुपये कर दिया गया है। मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद उत्तराखंड में ही सेवाएं देने का बांड भरने वाले छात्रों के लिए 50 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मेडिकल छात्रों की फीस ढाई लाख रुपये सालाना घटाई गई है। शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल के मुताबिक पूरे देश में उत्तराखंड मेडिकल छात्रों की सबसे कम फीस हो गई है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों के 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, इनमें से एक प्रकरण पर निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है।
शिथिलीकरण नियमावली एक साल के लिए लागू
सीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में कर्मचारियों की लंबे समय से की जा रही मांग भी पूरी कर दी गई है। उन्हें अब प्रमोशन के मानकों में छूट का लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने शिथिलीकरण की नियमावली को एक साल के लिए पुन: लागू कर दिया है। यह नियमावली 2010 में आई थी। कैबिनेट ने मुख्य सचिव की समिति के सिफारिश के विपरीत कर्मचारियों को प्रमोशन में शिथिलीकरण का लाभ देने का फैसला किया है।
केंद्रीय दरों पर मिलेगा अटल आयुष्मान योजना का लाभ
राज्य सरकार के कर्मचारियों को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की दरों पर इलाज की सुविधा मिलेगी। कैबिनेट ने कर्मचारियों की इस मांग पर भी मुहर लगा दी है। एम्स में इलाज कराने पर एम्स की दरों का लाभ मिलेगा। योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों से बाहर इलाज कराने पर भी कर्मचारियों को अतिरिक्त खर्च की धनराशि की प्रतिपूर्ति हो सकेगी। योजना में एनपीएस से रिटायर होने वाले कर्मचारियों व पेंशनरों को वार्षिक अंशदान कटौती या 10 वर्ष की अंशदान की राशि के बराबर एकमुश्त भुगतान पर आजीवन वैधता का विकल्प दिया गया है।
गैरसैंण में 29 और30 नवंबर को विधानसभा सत्र
प्रदेश मंत्रिमंडल ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र करने का फैसला लिया है। दो दिवसीय सत्र 29 व 30 नवंबर को होगा।
पहाड़ में नदियों के पास होंगे अब उपखनिजों के रिटेल भंडारण
प्रदेश मंत्रिमंडल ने खनन नीति में कई संशोधनों को मंजूरी दे दी है। पर्वतीय क्षेत्रों में 500 मीट्रिक टन रिटेल भंडारण की वैधता के लिए नदी से दूरी को 250 मीटर से घटाकर 50 मीटर और नालों-खालों से 25 मीटर कर दी गई है। उत्तराखंड रिवर ट्रेनिंग नीति को भी मंजूरी दी गई है।
पानी और सीवर के विलंब शुल्क में छूट 2022 तक
कैबिनेट ने पेयजल एवं सीवर सुविधा के लिए सभी प्रकार के विलंब शुल्क की छूट सीमा को 31 दिसंबर 2021 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2022 कर दिया गया है।
कैबिनेट के अन्य फैसले
– वर्ग तीन व वर्ग चार की भूमि के पट्टे को नियमित कराने के लिए सरकार ने समयावधि 2022 तक बढ़ाई।
– सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान अल्मोड़ा में एनएमसी के मानकों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के 197 नए पद बढ़ाए। कुल 387 पद हुए।
– उत्तराखंड सरकारी संस्था की परियोजनाओं के संबंध में निवेशकों, उद्योगपतियों, ठेकेदारों, पट्टेधारकों के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों की सुलह समिति पर कैबिनेट की मुहर।
– मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना सप्ताह में दो दिन फल, ड्राई फूट और अंडा देने की मिली मंजूरी।
– सरकारी विभागों के निर्माण कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लि (एनएचआईडीसीएल) को राज्य कार्यदायी संस्था के रूप में मंजूरी।
– कृषि सेवा समूह श्रेणी ख के विभिन्न शाखाओं में वरिष्ठता सूची पर होंगे प्रमोशन। पदों के पुनर्गठन को मंजूरी।
– राज्य में कार्यरत 606 आशा फैसिलेटरों की प्रोत्साहन राशि में वृद्धि को मंजूरी। सरकारी कॉलेजों व स्कूलों के 10वीं व 12वीं के छात्रों को मुफ्त टेबलैट उपलब्ध कराने में तेजी लाने के लिए ई-निविदा से संबंधित शर्तों में बदलाव। 400 टर्नओवर की शर्त हटाई। 100 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनियां भी कर सकेंगी आवेदन। 75 दिन में हर हाल में आपूर्ति करनी होगी।
– वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना नियमावली 2002 में संशोधन। सब्सिडी प्रावधानों में सरलीकरण को मंजूरी।
– उत्तराखंड महिला एवं बाल विकास अधीनस्थ सुपरवाइजरों को भी मिलेगा प्रमोशन, सेवा नियमावली को मंजूरी।









