भगोड़े गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने कथित तौर पर एक लीक ऑडियो क्लिप में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कराने की बात कबूल की है। 2023 में कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी। ऑडियो क्लिप के अनुवाद के मुताबिक, बराड़ ने हत्या के पीछे निज्जर द्वारा स्थानीय ड्रग नेटवर्कों को संरक्षण देने को वजह बताया। साथ ही उत्तरी अमेरिका में अवैध ड्रग्स बेचने के लिए किशोरों का इस्तेमाल करने के भी आरोप लगाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बराड़ ने कथित तौर पर चरमपंथी परमजीत सिंह पम्मा को बताया, ”ये ऑपरेटर 16 से 17 साल के युवाओं को ड्रग्स बेचने के लिए काम पर रखते थे। इसके बाद युवाओं को ब्लैकमेल कर मुखबिर बनने के लिए मजबूर करते थे। निज्जर अपने प्रभाव को मजबूत करने के लिए ऐसे लोगों का समर्थन और संरक्षण करता था, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल कर सके।”
ऑडियो क्लिप के अनुसार उसने आगे कहा, ”इसीलिए मुझे और मेरी टीम को निज्जर को मारना पड़ा, क्योंकि ये लोग युवाओं का इस्तेमाल ड्रग्स बेचने के लिए कर रहे थे। हर किसी को अपने कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ता है।”
निज्जर हत्याकांड से कैसे बिगड़े भारत-कनाडा संबंध?
खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके कुछ सप्ताह बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि निज्जर की हत्या में भारत का हाथ हो सकता है।
नई दिल्ली ने इस आरोपों को बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने कनाडा पर अपनी धरती से खालिस्तान समर्थक तत्वों को गतिविधियां चलाने की अनुमति देने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद भारत और कनाडा के राजनयिक संबंध बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे।
कनाडा को नहीं मिला निज्जर की हत्या को भारत से जोड़ने का सबूत
कनाडा द्वारा भारतीय राजनयिकों को निज्जर हत्याकांड से जोड़ने की कोशिश के बाद नई दिल्ली ने अपने उच्चायुक्त और कई अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। कनाडा में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी के संसदीय चुनाव जीतने और ट्रूडो के सत्ता से बाहर होने के बाद दोनों देशों के संबंध धीरे-धीरे सामान्य होने लगे। पिछले महीने कनाडा के जांचकर्ताओं ने कहा था कि उन्हें निज्जर की हत्या को भारत से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं मिला।
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने पिछले महीने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50 हजार अमेरिकी डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी। एफबीआई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, “एफबीआई सतिंदरजीत सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 50 हजार डॉलर तक का इनाम दे रही है। वह लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध गिरोह में कथित संलिप्तता के लिए वांछित है। यह गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया और पूरे अमेरिका तथा कनाडा में कई तरह की हिंसक गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल है।”





