कौन हैं स्टीफन हॉकिंग: एपस्टीन से कैसे जुड़ा इस वैज्ञानिक का नाम, नए दस्तावेजों में क्या दावा?

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मेरिका के न्याय विभाग (DoJ) की तरफ से यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लगातार रिलीज किया जा रहा है। ऐसे ही कुछ दस्तावेज बीते हफ्ते जारी हुए थे, जिनमें एपस्टीन के अरबपति कारोबारियों से लेकर टेक उद्योग से जुड़े लोगों, अमेरिका से लेकर अलग-अलग देशों के नेताओं, वैज्ञानिकों, चर्चित हस्तियों और मनोरंजन जगत से जुड़े बड़े नामों तक से संपर्क का खुलासा हुआ है। यूं तो इन दस्तावेजों में सीधे तौर पर किसी भी व्यक्ति को किसी अपराध से सीधे जुड़े हुए नहीं दर्शाया गया है। हालांकि, इन खुलासों में लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है।

दरअसल, एपस्टीन फाइल्स में मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के नाम का भी जिक्र हुआ है। हॉकिंग को आमतौर पर पूरी दुनिया एक तीक्ष्ण बुद्धि वाले वैज्ञानिक के तौर पर जानती हैं, जो कि बेहद कम उम्र में ही एक दुर्लभ बीमारी की वजह से व्हीलचेयर के सहारे पर आ गए थे। हालांकि, खगोल विज्ञान को लेकर उन्होंने जो अवधारणाएं दुनिया के सामने रखीं, उनसे समय और ब्रह्मंड की तरफ लोगों का देखने का नजरिया ही बदल गया।

ऐसे में यह जानना अहम है कि स्टीफन हॉकिन्ग कौन थे? उनका शुरुआती जीवन कैसा था? किस तरह उन्होंने दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद विज्ञान के क्षेत्र में इतिहास रचा? एपस्टीन फाइल्स में उनका जिक्र कहां मिलता और यह किस संदर्भ में है? आइये जानते हैं…

कौन थे स्टीफन हॉकिंग?

स्टीफन हॉकिंन्स का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था। वे लोकप्रिय ब्रिटिश सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी, ब्रह्मांड विज्ञानी और लेखक रहे। उन्हें आधुनिक समय के सबसे पहचाने जाने वाले वैज्ञानिकों में से एक माना जाता है, जिन्होंने ब्रह्मांड को समझने के लिए ‘थ्योरी ऑफ एवरीथिंग’ की खोज में अपना जीवन समर्पित कर दिया।

हॉकिंग का शुरुआती समय ब्रिटेन में ही गुजरा। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से फिजिक्स की पढ़ाई की और कैंब्रिज से पीएचडी की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात जेन वाइल्ड से हुई, जो कि ‘आधुनिक भाषा’ के विषय से ग्रैजुएशन कर रही थीं। इन दोनों की मुलाकात एक न्यू ईयर पार्टी में हुई। बताया जाता है कि दोनों ने साथ में रहना भी शुरू कर दिया था। हालांकि, 21 की उम्र में ही स्टीफन को खुद के एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस (एएलएस) नाम की एक गंभीर मोटर न्यूरॉन बीमारी से पीड़ित होने की बात पता चली। डॉक्टरों ने उनसे कहा कि इस बीमारी के साथ वह सिर्फ दो साल ही जी सकते हैं। हालांकि, उन्होंने चिकित्सकों को गलत साबित किया और 55 साल से अधिक समय तक इस बीमारी के साथ जीवित रहे। बीमारी के कारण वे चलने-फिरने और बोलने में असमर्थ हो गए थे, इसलिए वे संवाद करने के लिए एक विशेष स्पीच सिंथेसाइजर और कंप्यूटर का उपयोग करने लगे।

1965: महज 23 साल की उम्र में ही रचा ली शादी
स्टीफन के एलएएस से पीड़ित होने का पता चलने के बाद जेन ने तुरंत ही शादी का प्रस्ताव रख दिया। दोनों ने 1965 में शादी कर ली। इस दौरान स्टीफन हॉकिंग महज 23 साल के थे और जेन वाइल्ड 21 साल की थीं। चूंकि उस दौरान कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का शादी करना मान्य नहीं था, इसलिए जेन को प्रशासन से खास छूट हासिल करनी पड़ी।

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हालांकि, स्टीफन की तबीयत एलएएस की वजह से लगातार बिगड़ती चली गई। शुरुआत में उन्होंने एक डंडे के सहारे से चलना शुरू किया, लेकिन समय बीतने के साथ उनके हाथ-पैर की शक्तियां खत्म हो गईं और वे बैसाखी और फिर व्हीलचेयर के सहारे हो गए। हालांकि, इस दौरान स्टीफन ने अपनी सीमाओं को अपने दिमाग के इस्तेमाल के जरिए तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने अधिकतर समीकरणों के जरिए दिमाग में ही हल निकालना शुरू कर दिया था और इसके लिए उन्हें इक्वेशन (समीकरण) लिखना भी नहीं पड़ता था। यही वह दौर था, जब उन्होंने अंतरिक्ष के सबसे अनजान विषय ब्लैक होल पर रिसर्च शुरू की।

1979: आईजैक न्यूटन के उत्तराधिकारी कहे जाने वाले पद पर पहुंचे
अपनी समस्याओं के बावजूद 1979 में 35 वर्ष की उम्र में कैंब्रिज में गणित के प्रोफेसर बन गए। ऐतिहासिक तौर पर यूनिवर्सिटी में गणित के प्रोफेसर का पद रखने वालों को आईजैक न्यूटन का उत्तराधिकारी माना जाता था, क्योंकि कभी न्यूटन ने भी इसी पद पर काम किया था।

हालांकि, यहां तक पहुंचते-पहुंचते उनका पूरा शरीर शक्तिहीन हो चुका था। वे खुद से चलना तो दूर खाना भी नहीं खा सकते थे। इसके अलावा उन्हें बोलने में भी दिक्कत होने लगी और लोग उनकी बात समझ नहीं पाते थे।

1985: निमोनिया से मौत का खतरा, चली गई आवाज
1985 में स्टीफन हॉकिंग को निमोनिया हुआ और उनकी जान पर खतरा पैदा हो गया। डॉक्टरों ने एक ऑपरेशन के जरिए उनकी जान तो बचा ली, लेकिन वे बोलने में पूरी तरह असमर्थन हो गए। इस घटना ने उन्हें तोड़कर रख दिया। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और अपने दोस्तों की मदद से एक स्पीच सिंथेसाइजर तैयार किया, जो उनकी आवाज बना।

1995: पहली पत्नी से तलाक और नर्स से शादी
स्टीफन हॉकिंग ने 1995 में अपनी पहली पत्नी जेन से तलाक ले लिया। दोनों के तीन बच्चे हैं। इसके बाद स्टीफन ने अपनी नर्स इलेन मेसन से शादी कर ली। हालांकि, उनकी दूसरी शादी भी 11 साल ही चली और 2006 में उन्होंने इलेन से तलाक ले लिया। तब उन्होंने अपनी खराब होती तबीयत को इस अलगाव की वजह बताया था।

क्या हैं स्टीफन हॉकिंग की बड़ी खोज और उपलब्धियां?

सिंगुलैरिटी और बिग बैंग: हॉकिंग ने रोजर पेनरोस के साथ मिलकर यह साबित किया कि ब्रह्मांड की शुरुआत एक ‘सिंगुलैरिटी’ से हुई थी, जो शून्य आकार और अनंत घनत्व वाला एक बिंदु था। उन्होंने दिखाया कि ब्लैक होल के पतन का गणित बिग बैंग के उलट वर्जन की तरह काम करता है, जिससे बिग बैंग सिद्धांत को पुख्ता प्रमाण मिले।

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हॉकिंग रेडिएशन: उनकी सबसे महत्वपूर्ण खोज यह थी कि ब्लैक होल पूरी तरह से काले नहीं होते। सामान्य सापेक्षता और क्वांटम मैकेनिक्स को जोड़ते हुए, उन्होंने दिखाया कि ब्लैक होल रेडिएशन का उत्सर्जन करते हैं, जिसे अब हॉकिंग रेडिएशन कहा जाता है। इस विकिरण के कारण ब्लैक होल धीरे-धीरे अपना द्रव्यमान खो देते हैं और आखिर में वाष्प में बदलकर गायब हो सकते हैं।

ब्लैक होल थर्मोडायनामिक्स: हॉकिंग के काम ने ब्लैक होल भौतिकी में क्रांति ला दी और गुरुत्वाकर्षण, ऊर्जा, गर्मी और एंट्रॉपी के बीच एक गहरे संबंध स्थापित किए। हॉकिंग ने एम-थ्योरी और मल्टीवर्स (बहु-ब्रह्मांड) की संभावनाओं पर भी शोध किया, जो सुझाव देती है कि हमारा ब्रह्मांड कई अन्य ब्रह्मांडों में से एक हो सकता है।

सूचना विरोधाभास: हॉकिंग ने पहले तर्क दिया था कि ब्लैक होल में गिरने वाली जानकारी नष्ट हो जाती है, लेकिन 2004 में उन्होंने अपने सिद्धांत को बदलते हुए यह स्वीकार किया कि जानकारी वास्तव में सुरक्षित रहती है और वापस ब्रह्मांड में भेजी जा सकती है।

कॉस्मोलॉजी और समय यात्रा: उन्होंने कॉस्मोलॉजी के सिद्धांत को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई, जो ब्रह्मांड के तेजी से विस्तार को समझाने में मददगार साबित हुआ है। उन्होंने ‘क्रोनोलॉजी प्रोटेक्शन कंजेक्चर’ भी प्रस्तावित किया, जिसके मुताबिक, भौतिकी के नियम अतीत में समय यात्रा को नामुमकिन बनाते हैं।

अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम का लेखन: उनकी 1988 में लिखी गई किताब ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ वैश्विक स्तर पर सफल रही, जिसकी 2.5 करोड़ से अधिक प्रतियां बिकीं और इसने जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को आम जनता तक पहुंचाया।

सम्मान और पद: वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में गणित के लुकासियन प्रोफेसर रहे। उन्हें रॉयल सोसाइटी का फेलो भी चुना जा चुका है और 2009 में उन्हें प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

अब क्यों चर्चा में आया स्टीफन हॉकिंग का नाम?

स्टीफन हॉकिंग का निधन मार्च 2018 में 76 वर्ष की आयु में कैंब्रिज में हुआ। हालांकि, निधन के करीब छह-सात साल बाद उनका नाम फिर चर्चाओं में है। इसकी वजह है यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन, जिससे जुड़े दस्तावेजों को अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से रिलीज किया जा रहा है। इन दस्तावेजों में से कुछ में स्टीफन हॉकिंग का नाम मिलता है।

1. नाम का जिक्र और एपस्टीन आईलैंड का दौरा 
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, स्टीफन हॉकिंग का नाम उन व्यक्तियों में शामिल है, जिन्होंने एपस्टीन के निजी द्वीप का दौरा किया। यह जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा और विवाद हुए हैं। हॉकिंग की कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिन्हें लेकर कई दावे किए जा रहे हैं।

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एपस्टीन से जुड़े जो दस्तावेज सामने आए हैं, उनसे स्पष्ट होता है कि हॉकिंग 2006 में एक वैज्ञानिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए उस द्वीप पर गए थे, जिसे अब एपस्टीन आईलैंड कहा जा रहा है। बताया जाता है कि जिस कार्यक्रम में हॉकिंग गए थे, उसके आयोजकों में खुद जेफ्री एपस्टीन शामिल था। एपस्टीन ने इस वैज्ञानिक आयोजन के लिए फंडिंग उपलब्ध कराई थी। यह सम्मेलन भौतिक विज्ञानी लॉरेन्स क्रॉस के नेतृत्व में आयोजित किया गया था और इसमें कई कॉस्मोलॉजिस्ट्स के शामिल होने की बात सामने आती है।

2. किसी आपराधिक गतिविधि-केस का जिक्र नहीं
स्टीफन हॉकिंग का नाम एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में जरूर आया है, लेकिन उनके खिलाफ कोई आधिकारिक आरोप, मुकदमा या आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई है। दस्तावेजों में उनका नाम केवल एक संदर्भ के तौर पर दर्ज है, न कि किसी गलत गतिविधि के आरोपी के रूप में। विशेषज्ञों और विश्लेषकों का कहना है कि हॉकिंग की वहां उपस्थिति पूरी तरह से पेशेवर और अकादमिक कारणों से थी। इसे उनके वैज्ञानिक करियर की गतिविधियों के तहत एक सामान्य शैक्षणिक बैठक के रूप में देखा जाता है, जो उन अपराधों से बिल्कुल अलग थी, जिनके लिए एपस्टीन को जाना जाता था।

हॉकिंग के नाबालिग के साथ संबंध और एपस्टीन के साथ मेन्स ओनली क्लब में होने का दावा

  • अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों, एपस्टीन से जुड़े जो दस्तावेज हाल में ही सामने आए हैं उनमें स्टीफन हॉकिंग का जिक्र करीब 200 जगहों पर मिलता है।
  • जून 2015 के एक ईमेल के मुताबिक, एपस्टीन से हॉकिंग का संपर्क देने के लिए कहा गया था। साथ ही, 2013 में माइक्रोसॉफ्ट के विज्ञापनों के लिए हॉकिंग को वॉइसओवर का मौका देने के लिए भी एपस्टीन से संपर्क किया गया।
  • जनवरी 2015 के एक ईमेल में हॉकिंग पर नाबालिग के साथ यौन संबंधों के आरोप जिक्र मिलता है।

  • हालांकि, एपस्टीन ने अपनी पूर्व प्रेमिका गिसलेन मैक्सवेल को लिखे ईमेल में कहा था कि वह अदालत में यह बयान पेश करने की योजना बना रहा है कि हॉकिंग किसी भी यौन संबंध में शामिल नहीं थे।
  • एपस्टीन ने इन आरोपों को गलत साबित करने वाले को इनाम देने का अभियान चलाने का मजाक भी किया था।
  • 2017 के एक ईमेल में एपस्टीन ने दावा किया था कि जब हॉकिंग ने गोता लगाने (डाइव) की इच्छा जताई, तो उसने हॉकिंग के सिर को एक कुर्सी से टेप से बांध दिया और उन्हें एक विशेष चार्टर्ड सबमरीन में नीचे भेजा था।

  • 2019 के एक एफबीआई दस्तावेज के मुताबिक, एक मुखबिर ने दावा किया था कि उसने 2011 में डलास के एक ‘मेन्स-ओनली’ क्लब में एपस्टीन और हॉकिंग को देखा था।
  • मार्च 2018 में हॉकिंग के निधन के बाद, एपस्टीन को सांत्वना संदेश भेजे गए थे और एक संदेश में हॉकिंग को काफी शरारती (quite a rascal) भी कहा गया था।

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