Bihar : TRE-4 के आंदोलन से पहले बिहार पुलिस ने क्या हथकंडा अपनाया? फिर भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी

Spread the love

TRE4 के लिए आज छत्रों का एक बड़ा आंदोलन होने वाला है, जिसे पुलिस रोकने के लिए हर रास्ता इख्तियार कर रही है। पहले सभी शिक्षक नेताओं को लिखित में चेतावनी दी और फिर बुलाकर बैठक के नाम पर हड़काया। लेकिन इसके बाद भी छात्र आंदोलन करने पर अडिग रहे। इसलिए अब पुलिस ने उन नेताओं की गिरफ्तारी करनी शुएरू कर दी है। बिहार पुलिस ने छात्र नेता खुशबु पाठक को आरा से आने के दौरान बिहटा में हिरासत में ले लिया। साथ ही शिक्षक दानिश और विकेश भट्ट को भी हिरासत में ले लिया है।

 

आंदोलन को दबाने के लिए की जा रही गिरफ्तारी 
इस संबंध में एक महिला छात्र नेता ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह तो निरंकुशता है कि हम अपनी आवाज भी नहीं उठा सकते। यह दमन करने का तरीका है, लेकिन इसके बाद भी हमारे हौसले पस्त नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस मेरे पीछे भी लगी हुई है, लेकिन मैं किसी तरह से बचते बचाते हुए आंदोलन में शामिल होउंगी। उन्होंने कहा कि हमलोग वोट देकर सरकार बनाते हैं और यही सरकार हम शिक्षकों के साथ इस तरह का बुरा सलूक करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पहले नोटिस देकर धमकी दी कि अगर आप माहौल को अशांत कीजियेगा तो 5-5 लाख का जुर्माना देना पड़ेगा। फिर बुलाकर बैठक के नाम पर पुलिस ने धमकी दी, लेकिन हमलोग पुलिस की इस धमकी को नहीं सुनने वाले हैं।

 

 

क्या है छात्र नेताओं की मांग?
उन्होंने कहा कि हमारी बस यही मांग है कि आप TRE4 का नोटिफिकेशन जारी कीजिए। छात्र नेता ने कहा कि सरकार बनने से पहले यह घोषणा की गई थी कि एक लाख 20 हजार वैकेंसी देंगे। लेकिन सरकार बनने के बाद बात 46 हजार पर आ गई। उन्होंने कहा कि ठीक है अब सरकार 46 हजार का ही नोटिफिकेशन जारी करे, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है। सरकार की यह मनमानी सही नहीं है इसलिए हम इसका विरोध करेंगे, चाहे पुलिस जितनी लाठियां बरसा ले।

और पढ़े  राममंदिर चंदा विवाद: टिन्नू की तिकड़ी खोल सकती है राज, पकड़े गए कर्मी मात्र मोहरा,कही पर्दे के पीछे बड़े खिलाड़ी तो नहीं

 

 

पुलिस दे रही यह दलील 
इस संदर्भ में पुलिस का मानना है कि यह छात्र लोग यूनिवर्सिटी कैंपस और आसपास के इलाकों में विधि-व्यवस्था और शांति व्यवस्था को खराब कर सकते हैं, इसलिए शांति बनाए रखने के लिए अनुमंडल दण्डाधिकारी, पटना सदर के न्यायालय ने यह कार्रवाई की है। पीरबहोर थाना पुलिस के प्रतिवेदन के आधार पर, कोर्ट ने पटना यूनिवर्सिटी के 8 प्रमुख छात्र नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-126 के तहत नोटिस जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि इन छात्र नेताओं की गतिविधियों से कभी भी बड़ी अशांति फैल सकती है। उन नेताओं में खुशबू पाठक, सौरभ कुमार, अर्चना कुमारी, विकेश भट्ट, एम पी यादव, मनीष यादव, रिंकल यादव और मनीष आनंद शामिल हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    अयोध्या- सांसद लल्लू सिंह व महंत परशुराम दास की अगुवाई में मां सरयू को चढ़ी 1100 मीटर लंबी चुनरी, विश्व शांति का दिया संदेश

    Spread the love

    Spread the love        मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में पुरुषोत्तम मास के अंतिम पर्व पर श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम देखने को…


    Spread the love

    irport: जिन्होंने दी जमीन, उन्होंने भरी पहली उड़ान, नोएडा से लखनऊ गए किसान, CM से मुलाकात

    Spread the love

    Spread the loveA   नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए जिन ग्रामीणों की जमीन ली गई थी, वे सोमवार को एक ऐतिहासिक पल का हिस्सा बने। उन्होंने नए शुरू…


    Spread the love