पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम- ममता की राजनीतिक यात्रा का अंत, नंदीग्राम-भवानीपुर से जीत के बाद बोले शुभेंदु

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श्चिम बंगाल में इस बार अब तक का सबसे आक्रामक चुनाव हुआ। चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने आपनी पूरी दम झोंकी। वोटिंग के बाद लोगों को यह जानने की बेताबी है कि राज्य में ममता दीदी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस चौथी बार सत्ता में वापसी करेगी या फिर भाजपा ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य सरकार बनाएगी?  राज्य के 23 जिलों में 77 केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच 293 विधानसभा सीटों की मतगणना की जा रही है, जिसमें कुल 2,926 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है।

 

शुभेंदु अधिकारी का बयान- ममता की हार राजनीति से विदाई जैसी

भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को हराना बेहद जरूरी था और यह परिणाम उनकी राजनीतिक यात्रा के अंत की तरह है। शुभेंदु ने आगे दावा किया कि वार्ड नंबर 77 में मुस्लिम मतदाताओं ने बड़ी संख्या में ममता बनर्जी को समर्थन दिया, जबकि हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदाय के लोगों ने उन्हें वोट देकर जीत दिलाई।

नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों में जीत
सुवेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में डबल जीत दर्ज की है। नंदीग्राम सीट पर उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार पबित्र कर को हराया, वहीं भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी पराजित कर राजनीतिक हलकों में बड़ा उलटफेर कर दिया।

आरजी कर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की जीत

पश्चिम बंगाल की पानीहाटी विधानसभा सीट से एक भावनात्मक और अहम चुनावी नतीजा सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ, जो आरजी कर अस्पताल रेप पीड़िता की मां हैं, ने टीएमसी के तीर्थंकर घोष को 28,836 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की।

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शुभेंदु अधिकारी 15 हजार+ वोटों से जीतें

ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा है। उनके प्रतिद्वंदी शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,114 वोटों के अंतर से पराजित कर दिया।


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