हवा के झोंको ने दिल्ली से आए विमान को पहुंचा दिया नेपाल, बमुश्किल हुई एयरपोर्ट पर लैंडिंग

Spread the love

वा के तेज झोंको ने दिल्ली से आए विमान को नेपाल पहुंचा दिया। सीमांत जिले की सीमा में पहुंचने पर हवा का रुख तेज होने से पायलट को विमान को पड़ोसी देश नेपाल की सीमा में प्रवेश कराना पड़ा। जब हवा का दबाव कम हुआ तो बमुश्किल नैनीसैनी एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग हुई।

पिथौरागढ़ से दिल्ली और देहरादून रूट पर सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार 42 सीटर विमान का संचालन होता है। सुबह के समय विमान यात्रियों को लेकर दिल्ली से नैनीसैनी पहुंचता है और इसके बाद देहरादून के लिए रवाना होता है। देहरादून से लौटने के बाद विमान दिल्ली के लिए उड़ान भरता है। मंगलवार को दिल्ली से यात्रियों को लेकर विमान पिथौरागढ़ जिले की सीमा में पहुंचा तो आसमान में घने-काले बादलों और तेज हवा के झोंको के बीच नैनीसैनी एयरपोर्ट पर लैंडिंग मुश्किल हो गई। ऐसे में पायलट को विमान को हवा से दूर नेपाल पहुंचाना पड़ा। विमान ने करीब 15 मिनट तक नेपाल में उड़ान भरी। जब नैनीसैनी एयरपोर्ट के आसपास हवा का दबाव कम हुआ तो नेपाल से लौटे विमान की सफल लैंडिंग कराई जा सकी। विमान से उतरने के बाद 25 से अधिक यात्रियों ने राहत की सांस ली।

 

देहरादून की फ्लाइट करनी पड़ी कैंसिल
दिल्ली से पहुंचे विमान की बमुश्किल नैनीसैनी एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई गई। इसके बाद विमान को 15 से अधिक यात्रियों को लेकर देहरादून के लिए उड़ान भरनी थी और वहां से नैनीसैनी एयरपोर्ट लौटना था। करीब 25 मिनट के इंतजार के बाद भी जब हवा का दबाव कम नहीं हुआ तो देहरादून की फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी।

और पढ़े  पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर सुरक्षा घेरा तोड़ा गया, भारत-पाकिस्तान में बढ़ा तनाव

 

कई यात्री लौटे घर तो कई ने किया टैक्सी से सफर
देहरादून के लिए हवाई सफर करने की उम्मीद में 15 से अधिक यात्री नैनीसैनी एयरपोर्ट पर विमान के उड़ान भरने का इंतजार करते रहे। हवा का दबाव अधिक होने से फ्लाइट कैंसिल हुई तो यात्रियों को भी निराश होना पड़ा और उनकी मुश्किल बढ़ गई। विमान के उड़ान न भरने से कई यात्रियों को निराश घर लौटना पड़ा तो कई यात्री टैक्सी बुक कर गंतव्य को रवाना हुए।

 

हवा का दबाव अधिक होने से विमान को नेपाल ले जाना पड़ा। इसी के चलते देहरादून रूट पर भी फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी। कंपनी और एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाते हैं। -संदीप यादव, एयरपोर्ट मैनेजर, नैनीसैनी एयरपोर्ट, पिथौरागढ़


Spread the love
  • Related Posts

    नेपाल बाढ़ से तबाही: 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी पर्यटक लापता,7 की मौत, कई गांव तबाह

    Spread the love

    Spread the loveउत्तरी नेपाल की भोटे कोशी नदी में बुधवार को अचानक बाढ़ आ गई। जिसमें सात लोगों की शव मिले हैं। वहीं, 384 यात्रियों लापता है, जिनमें 291 विदेशी नागरिक…


    Spread the love

    टीएमसी के बागी सांसदों की बढ़ीं मुश्किलें, लोकसभा सचिवालय ने भेजा नोटिस

    Spread the love

    Spread the loveलोकसभा सचिवालय ने TMC के 20 बागी सांसदों को अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर अयोग्यता याचिकाओं पर नोटिस भेजकर सात दिनों में जवाब मांगा है। इन सांसदों…


    Spread the love