अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ‘एआई फोर्स’ बनाने की तैयारी कर रहे हैं और जल्द ही एक ‘एआई सीजर’ की नियुक्ति की घोषणा करेंगे। ट्रंप ने कहा कि वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र को ‘खत्म या नष्ट’ होने देने के लिए चुपचाप नहीं बैठेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने 2019 में अमेरिकी दबदबे को अंतरिक्ष में बढ़ाने के लिए स्पेस फोर्स का गठन किया था। वहीं, हाल ही में अमेरिका ने पहली बार स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि उसके पास अंतरिक्ष की कक्षा में तैनात ऐसे हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल शत्रु की कार्रवाई का मुकाबला करने के साथ-साथ आक्रामक और रक्षात्मक दोनों अभियानों में किया जा सकता है। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, चीन और रूस के बीच अंतरिक्ष में सैन्य वर्चस्व की होड़ तेज हो रही है।
ट्रंप ने एआई को अगली औद्योगिक क्रांति या इंटरनेट जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद में 25 प्रतिशत तक योगदान दे सकती है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में एआई के ‘नष्ट होने’ को डेमोक्रेट्स की ओर से फैलाए जा रहे ‘कई झूठे दावों’ में से एक बताया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तापमान बढ़ने के मुद्दे को भी ऐसे ही दावों की सूची में शामिल किया और कहा कि इनसे अमेरिका को ‘नुकसान’ पहुंच रहा है।
हालांकि, ट्रंप ने प्रस्तावित ‘एआई फोर्स’ की संरचना या ‘एआई सीजर’ की जिम्मेदारियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, यह घोषणा अमेरिका में एआई के तेजी से विकास और इससे जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर जारी बहस के बीच हुई है।
अमेरिका और चीन के बीच क्यों मची एआई को लेकर होड़?
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा था कि अमेरिका एआई की दौड़ में चीन से पीछे नहीं रह सकता। उन्होंने अमेरिकी तकनीकी कंपनियों से तकनीक चुराने वाले चीनी लोगों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया था।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ब्लांश ने एआई को बेहद लाभकारी तकनीक बताया और इसे नियंत्रित करने या इसकी रफ्तार धीमी करने के लिए न्याय विभाग से जुड़ी मांगों को खारिज कर दिया।






