पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका-ईरान में बातचीत पूरी तरह से रुक गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को तबाह करने की नई धमकी दी है। वहीं ईरान बातचीत की मेज पर लौटने को तैयार नहीं है। खाड़ी देशों में भी लगातार हमले जारी हैं और युद्ध के पूरे क्षेत्र में फैलने की आशंका बनी हुई है।
ईरानी सेना का दावा: बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए हमले
ईरान की सेना ने बहरीन और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य परिसरों पर ड्रोन से हमले का दावा किया है। मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर ईंधन भंडारण टैंकों, उपकरण गोदामों और सैनिकों के रहने के क्वार्टरों को निशाना बनाया गया। वहीं, जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी बेस पर एयरक्राफ्ट हैंगर और मेंटेनेंस सुविधाओं पर हमले किए गए। ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके हितों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी।
गाजा संकट पर यूएन महासचिव गुटेरेस ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कहना है कि गाजा में तथाकथित युद्धविराम के बावजूद, आम नागरिकों को हर दिन भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। इस्राइल द्वारा गाजा पर अपना नियंत्रण बढ़ाने के कारण लोग अपने घरों और समुदायों में दैनिक जीवन के सामान्य कार्य करते हुए भी मारे जा रहे हैं। वहां लोगों की स्थितियां असहनीय बनी हुई हैं और भयानक बीमारियां फैल रही हैं, जिससे मानवीय सहायता कार्यों में भारी बाधा आ रही है। इस लंबे समय से चले आ रहे मानवीय कष्ट का अंत होना ही चाहिए।
ईरान पर अमेरिकी मिसाइल स्ट्राइक में अब तक 55 की मौत
अमेरिकी सेना ईरान पर लगातार हवाई हमले कर रही है। इन हमलों में ईरान के अहवाज, रामशिर और शलमचेह समेत कई शहरों पर अमेरिकी मिसाइलें गिरी हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 27 जून से अब तक 55 लोगों की जान जा चुकी है और 629 लोग घायल हुए हैं। जंग का असर आसपास के खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। हाल ही में कुवैत की सीमा पर ड्रोन हमला हुआ, जॉर्डन ने अपनी हवाई सीमा में कई मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट किया, वहीं बहरीन में खतरे के सायरन बजाए गए।
लाल सागर में जहाजों पर हूती विद्रोहियों हमला
पश्चिम एशिया में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला कर दिया, जिससे जहाजों में भीषण आग लग गई। बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। हूती अब ‘बाब अल-मंदेब’ समुद्री व्यापारिक मार्ग को भी बंद करने की धमकी दे रहे हैं, जिससे सऊदी अरब का तेल निर्यात गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।








