अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। हाल ही में दो अमेरिकी सैन्य विमान अलग-अलग घटनाओं में दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिसके बाद एक सैनिक अभी भी लापता है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है। यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार किसी अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया गया है।
तीन ईरानी अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को बचाव अभियान दूसरे दिन अमेरिकी सेना जहां अपने लापता जवान की तलाश में जुटी है, वहीं ईरानी सैन्य बल भी उस क्रू मेंबर को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान के राज्य प्रसारक से जुड़े स्थानीय टीवी एंकर ने शुक्रवार को लोगों से अपील की कि वे दुश्मन के पायलट या पायलटों को जिंदा पकड़कर सुरक्षा बलों को सौंपें, जिसके बदले इनाम दिया जाएगा। यदि यह पायलट ईरान के कब्जे में आ जाता है, तो यह 1979 के ईरान बंधक संकट के जैसा होगा। वह अमेरिकी इतिहास की एक बेहद दर्दनाक घटना थी, जिसने करीब पांच दशकों तक अमेरिका-ईरान संबंधों में दुश्मनी की नींव रखी।
जानकारी के मुताबिक, एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को ईरान के भीतर मार गिराया गया। इस विमान में मौजूद एक सैनिक को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दूसरा अभी तक नहीं मिला है। अमेरिकी सेना ने उसके लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी घटना में, एक ए-10 अटैक विमान फारस की खाड़ी में गिर गया। ईरान का दावा है कि उसकी रक्षा प्रणाली ने इस विमान को मार गिराया, लेकिन अमेरिका ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि विमान क्रैश हुआ या उसे गिराया गया।
ट्रंप के दावे के बाद ईरान का पलटवार
यह घटनाएं ऐसे समय पर हुई हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका ने ईरान को ‘पूरी तरह कमजोर कर दिया है।’ हालांकि जमीनी हालात इसके उलट और ज्यादा खतरनाक दिख रहे हैं।
पायलट हाथ लगा तो ईरान के पास दो विकल्प
जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स के विशेषज्ञ हमीदरेजा अजीजी के अनुसार अगर ईरान अमेरिकी पायलट को पकड़ लेता है तो उसके पास दो विकल्प हो सकते हैं। पहला, वह इसे गुप्त रखकर अमेरिका से पर्दे के पीछे बातचीत करे और रिहाई के बदले रियायतें मांगे। दूसरा, वह पायलट को सार्वजनिक रूप से पेश कर प्रचार के तौर पर इस्तेमाल करे।
दूसरा विकल्प ज्यादा संभावित
अजीजी के मुताबिक, दूसरा विकल्प ज्यादा संभावित है। उन्होंने कहा, वे जीत की छवि पेश करना चाहते हैं और साथ ही ट्रंप को अपमानित भी करना चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार 1979 संकट को लेकर तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर की आलोचना कर चुके हैं।
इस्राइली हमले में ईरान में पांच लोगों की मौत
इधर, ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके महशहर में पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हुए हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्राइल ने ली है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सेना ईरान पर हमले जारी रखेगी। उनका दावा है कि इन फैक्ट्रियों का इस्तेमाल हथियार और मिसाइल बनाने के लिए किया जा रहा था।
हालात पर ट्रंप की नजर, खाड़ी देशों के दौरे पर मेलोनी
वहीं, व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और बिना रुके काम कर रहे हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि वह जल्द से जल्द होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दे। यह इलाका दुनिया के लिए बेहद अहम है क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। इस बीच, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी खाड़ी देशों के दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बढ़ती







