पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर ईंधन की उपलब्धता को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ऑपरेटरों से मौजूदा ईंधन स्टॉक और अगले सात दिनों की जरूरत का ब्योरा मांगा था।
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया बताया जा रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो गया है। इस संघर्ष से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग एक-तिहाई कच्चे तेल और करीब 20 प्रतिशत एलएनजी आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।
क्यों मांगी गई थी जानकारी?
सूत्रों का कहना है कि यह जानकारी एहतियात के तौर पर मांगी गई थी ताकि यह समझा जा सके कि अगर तेल आपूर्ति बाधित होती है तो भारतीय एयरपोर्ट कितने दिन तक सामान्य संचालन कर पाएंगे। एयरपोर्ट ऑपरेटरों से औसतन रोजाना खपत, अगले सात दिनों की अनुमानित जरूरत और अगली ईंधन आपूर्ति की तारीख भी बताने को कहा गया था।
एएआई ने बाद में दी सफाई
हालांकि, देर शाम एएआई ने बयान जारी कर इन खबरों से इनकार कर दिया। एएआई ने कहा कि उसने किसी भी एयरपोर्ट ऑपरेटर से औपचारिक या अनौपचारिक रूप से ईंधन स्टॉक या जरूरत की जानकारी नहीं मांगी है। एएआई ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका काम एयरपोर्ट संचालन और नेविगेशन सेवाएं देना है, वह ईंधन भंडार की निगरानी नहीं करता।
तेल आपूर्ति को लेकर चिंता पर सरकार की नजर
भारत में कुल 33 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट शामिल हैं। 2 मार्च को देशभर में 355 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों ने उड़ान भरी, जबकि 344 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें उतरीं। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर है, लेकिन फिलहाल सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।







