विनेश फोगाट:- पहलवान विनेश फोगाट ने किया संन्यास का एलान, कहा- टूट गई मां मेरी हिम्मत ।

विनेश फोगाट:- पहलवान विनेश फोगाट ने किया संन्यास का एलान, कहा- टूट गई मां मेरी हिम्मत ।

सबको चौंकाते हुए पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का एलान कर दिया। उन्होंने समर्थन करने के लिए सबका आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे सबकी ऋणी रहेंगी। उन्होंने भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में मां को याद करते हुए लिखा कि उनकी हिम्मत टूट चुकी है। इससे पहले पहलवान विनेश ने खेल पंचाट में अपील करते हुए ओलंपिक का रजत पदक संयुक्त रूप से देने की अपील की थी। उनकी अपील पर आज फैसला आने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले से पहले ही विनेश फोगाट ने संन्यास का एलान करते हुए अपने करोड़ों प्रशंसकों को चौंका दिया।

रेसलर विनेश फोगाट ने अपने एक्स हैंडल- @Phogat_Vinesh पर 24 साल के करियर का जिक्र करते हुए लिखा, ‘अलविदा कुश्ती 2001-2024।’ भावुक 29 वर्षीय पहलवान विनेश ने मां को याद कर उनसे माफी मांगते हुए लिखा, ‘मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई। माफ करना। आपका सपना, मेरी हिम्मत टूट चुके हैं। इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब।’ बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत देश की खेल और सियासी जगत की कई हस्तियों ने विनेश को चैंपियन बताते हुए उनका हौसला बढ़ाया था।

इससे पहले बुधवार देर रात आई खबर के मुताबिक पेरिस के स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5.51 बजे उन्होंने खेल पंचाट यानी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट्स (CAS) के सामने खुद को रजत पदक देने की अपील की है। दरअसल, उन्होंने मंगलवार को लगातार तीन मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, बुधवार को उनके वजन को मापा गया तो वह 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसके बाद उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। खेल पंचाट खेल के लिए मध्यस्थता न्यायालय भी कहा जाता है।

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क्या अब भी मिल सकता है रजत पदक?
इससे पहले विनेश ने बुधवार को खेल पंचाट (कैस) में ओलंपिक फाइनल से खुद को अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ अपील की और मांग की कि उन्हें संयुक्त रजत पदक दिया जाए। ओलंपिक खेलों या उद्घाटन समारोह से पहले 10 दिनों की अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद के समाधान के लिए यहां खेल पंचाट का तदर्थ विभाग स्थापित किया गया है जो अगले कुछ घंटों में उनकी अपील पर सुनवाई करेगा।

खेल गांव के अंदर पॉलीक्लिनिक में बिताया दिन
विनेश ने दिन का एक बड़ा हिस्सा खेल गांव के अंदर पॉलीक्लिनिक में बिताया, क्योंकि वजन कम करने के उपाय के कारण उनके शरीर में पानी की कमी हो गई। इन उपायों में भूखा रहना, तरल पदार्थों से परहेज करना और पसीना बहाने के लिए पूरी रात जागना शामिल था। सेमी फाइनल में विनेश से हारने वाली क्यूबा की पहलवान युसनेलिस गुजमैन लोपेज ने फाइनल में भारतीय खिलाड़ी की जगह ली, जहां वह अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट से हार गई।

विनेश अब लोपेज के साथ संयुक्त रजत पदक विजेता बनने के लिए खेल पंचाट पर भरोसा कर रही हैं। कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय संचालन संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने हालांकि स्पष्ट कर दिया है कि वजन से जुड़े वर्तमान नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

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