प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने जानकारी दी है कि इस योजना की शुरुआत से अब तक देशभर में करीब 15 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और नियोक्ताओं (मालिकों) दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इससे उन्हें कार्यक्षेत्र में कदम रखते समय जरूरी आर्थिक सहायता मिल पाती है। वहीं, अतिरिक्त रोजगार सृजन करने वाले नियोक्ताओं को हर नए कर्मचारी पर 3,000 रुपये प्रतिमाह तक का प्रोत्साहन मिलता है।
सरकार ने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इस क्षेत्र के नियोक्ताओं को चार वर्षों तक प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके विपरीत, अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को दो वर्षों तक यह लाभ मिलेगा। यह योजना रोजगार आधारित आर्थिक विकास को गति देने और युवाओं के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली नौकरियां उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।






