आईआईटी स्थित सरस्वती मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राकेश शुक्ला के अनुसार इस वर्ष वसंत पंचमी सर्वार्थ सिद्धि योग एवं चतुर्ग्रही योग में पड़ रही है। शुक्रवार के दिन पर्व होने से इस बार माता सरस्वती के साथ-साथ माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होने का योग बन रहा है।
यह पर्व विशेष रूप से विद्यार्थी वर्ग, व्यापारी वर्ग, कला, संगीत और सृजन से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत शुभ होगा। हालांकि शास्त्रों में वसंत पंचमी को सिद्ध दिवस माना गया है। सामान्यतः इस दिन बिना मुहूर्त विवाह सहित शुभ कार्य किए जाते हैं लेकिन इस वर्ष शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन, मुंडन एवं यज्ञोपवीत जैसे मांगलिक कार्यों पर निषेध रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 31 जनवरी 2026 को शुक्र ग्रह के उदय के बाद ही शुभ कार्यों का शुभारंभ हो सकेगा।