उत्तरकाशी: 11 किलोमीटर का पैदल सफर और डंडी-कंडी पर टिकीं सांसें, दर्द से कराहती रही बीमार महिला

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मोरी विकासखंड के हिमाचल प्रदेश से सटे सेवा गांव में एक बीमार महिला को डंडी-कंडी पर 11 किमी पैदल दूरी तय कर सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद उन्हें वाहन से मोरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब दस वर्ष पूर्व धौला से सेवा के लिए सड़क का काम शुरू भी हुआ लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इससे आज भी ग्रामीण सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सेवा गांव निवासी जगदीप फौजियान ने बताया कि बीते मंगलवार को खंतरा देवी उम्र 56 वर्ष की अचानक तबीयत खराब हो गई।

तेज बुखार, उल्टी-दस्त के साथ ही उनका पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया था। उसके बाद ग्रामीणों ने आनन-फानन में डंडी-कंडी तैयार की और उन्हें उसके माध्यम से धौला तक करीब सड़क तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने बताया कि सेवा से धौला तक की पैदल दूरी करीब 11 किमी है। साथ ही पैदल मार्ग संकरा और खड़ी पहाड़ी पर पगडंडी होने पर वहां से आवाजाही में खतरा बना रहता है।

 

कई बार बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देते
बीमार महिला को उसके बाद वाहन से मोरी अस्पताल पहुंचाने के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। कहा कि यह पहली बार नहीं है कि किसी बीमार को डंडी-कंडी के माध्यम से सड़क तक पहुंचाया गया हो। इससे पूर्व भी हर बार बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए यही माध्यम है।

इस दौरान कई बार बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। बरसात में तो गांव का संपर्क देश-दुनिया से कट जाता है। गांव के लिए करीब दस वर्ष पूर्व धौला से सड़क का कार्य शुरू किया गया था लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सुभाष दौरियाल ने बताया कि सेवा गांव की सड़क निर्माण का कार्य जारी है। कोशिश है कि जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा।

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