उत्तराखंड Weather: पहाड़ से मैदान तक आज बिगड़ेगा मौसम, ओलावृष्टि के साथ तूफान का येलो अलर्ट

Spread the love

त्तराखंड में शुक्रवार को पर्वतीय जिलों के साथ मैदानी इलाकों में भी मौसम बदला रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और तेज तूफान का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा अन्य जिलों में भी बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। प्रदेश में मानसून आने से पहले हल्की बारिश और तूफान चलने से गर्मी से राहत मिली है। जून में अभी तक कुछ एक दिनों को छाेड़ दें तो तापमान सामान्य के आसपास रहा। ऐसे में 19 जून को भी मौसम बिगड़ने से मैदानी इलाकों का तापमान सामान्य के नीचे रहने का अनुमान है।

 

बृहस्पतिवार के मौसम की बात करें तो दिनभर चटक धूप खिलने से गर्मी का अहसास किया। दून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री इजाफे के साथ 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि, रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री बढ़ोतरी के साथ 24.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

ऐसा ही हाल प्रदेश के अन्य इलाकों में भी रहा। आने वाले दिनों की बात करें तो 24 जून तक प्रदेशभर में मौसम बदला हुआ रहेगा। पर्वतीय इलाकों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी तेज दौर की बारिश होने के आसार हैं।


 

देहरादून के 12 भूस्खलन जोन पर रहे मानसून में विशेष ध्यान

प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने जिले के सभी 12 भूस्खलन जोन पर मानसून से पहले विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने इन क्षेत्रों के स्थाई समाधान खोजने को कहा ताकि यहां जोखिम को कम किया जा सके। किमाड़ी सहित संवेदनशील क्षेत्रों में भी स्थायी समाधान विकसित करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। डॉ. सुंदरम बृहस्पतिवार को जिले की मानसून से पहले की तैयारियों के संबंध में बैठक कर रहे थे। उन्होंने बादल फटने की संभावनाओं वाले क्षेत्रों में निगरानी और पूर्व चेतावनी तंत्र को अधिक सुदृढ़ करने के लिए भी कहा।

और पढ़े  देहरादून- राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में अंतिम पग पार सेना का हिस्सा बने 515 कैडेट

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की मौजूदगी में हुई बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न कार्यों, संवेदनशील स्थलों पर की गई व्यवस्थाओं, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में हो रहे कार्यों और पिछले साल की आपदाओं व जलभराव से प्राप्त अनुभवों की विस्तृत जानकारी दी गई। सौंग नदी परियोजना, नंदा की चौकी क्षेत्र में चल रहे सुरक्षा कार्यों, नदी सफाई कार्यों तथा अन्य बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने मानसून शुरू होने से पहले सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही खनन गतिविधियों से संबंधित आवश्यक कार्यवाहियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा।

इसके साथ ही जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 39 डी-वॉटरिंग पंपों की तैनाती योजना की समीक्षा की गई। इसके अलावा 12 प्रमुख नालों की सफाई व सुधार कार्यों को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अल्प अवधि में होने वाली अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों का डेटा आधारित विश्लेषण करने और संभावित जलभराव स्थलों की अग्रिम पहचान सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। आठ संवेदनशील नदी और नाला क्षेत्रों में चल रहे शमन कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रमुख सचिव ने दिए।


Spread the love
  • Related Posts

    हरिद्वार भूमि घोटाला: सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व MNA की बर्खास्तगी व तत्कालीन DM पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

    Spread the love

    Spread the loveभ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है।…


    Spread the love

    चंपावत-लोहाघाट NH पर हादसा: गहरी खाई में गिरी कार, 2 लोगों की मौत, महिला व दो मासूम बच्चे घायल

    Spread the love

    Spread the loveचंपावत-लोहाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बापरू के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे दो लोगों की मौके पर…


    Spread the love