उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के सीएनआई गर्ल्स इंटर कालेज के प्रबंधक की ओर से कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं से डीजल, कालेज के रखरखाव, हेलपर टीचर व अन्य की मदद के लिए मांगी जा रही अतिरिक्त फीस को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता संस्था आरटीआई क्लब से कहा है कि कालेज के द्वारा ली जाने वाली फीस से संबंधित दस्तावेज को अतिरिक्त शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में पेश करें।मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार आरटीआई संस्था ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सीएनआई गर्ल्स इंटर कालेज देहरादून की ओर से कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं से कालेज की फीस के अलावा उनसे डीजल, मेंटेनेंस, हेलपर टीचर और अन्य मदद के लिए अतिरिक्त फीस ली जा रही है। जिसकी वजह से उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। याचिका में कहा कि इसका वहन करने के लिए उनके अभिभावक सक्षम नहीं है। जबकि वे कालेज के द्वारा निर्धारित फीस को तय समय के भीतर देते आए हैं। कालेज को निर्धारित फीस के अलावा अतिरिक्त फीस लेने का कोई अधिकार नहीं है। इसलिए ली जाने वाली अतिरिक्त फीस पर रोक लगाई जाए।








