उत्तराखंड हाईकोर्ट: लिव-इन जोड़े को सुरक्षा देने का HC का आदेश, यूसीसी के तहत किया था पंजीकरण

नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार के एक लिव-इन जोड़े को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया है, जिन्होंने यूसीसी के तहत अपने संबंध का पंजीकरण कराया है। जोड़े ने आशंका जताई थी कि उनके रिश्ते का विरोध करने वाले ग्रामीणों से उनकी जान-माल को खतरा है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि पुरुष पहले से विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। हालांकि वैवाहिक मतभेदों के कारण उसकी पत्नी नवंबर 2024 से अलग रह रही है। उस विवाह से जन्मा एक बेटा फिलहाल याचिकाकर्ताओं के साथ रह रहा है।

 

न्यायमूर्ति आलोक महरा ने हरिद्वार के लक्सर थाने के थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं को संभावित खतरे का आकलन करें और यदि किसी प्रकार का जोखिम सामने आए तो उन्हें समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी व्यक्ति, जिनमें ग्रामीण भी शामिल हैं, कानून को अपने हाथ में न ले। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह संरक्षण संपत्ति संबंधी किसी दावे तक विस्तारित नहीं होगा, और न ही इसका वैवाहिक, दीवानी या आपराधिक कार्यवाहियों पर कोई प्रभाव माना जाएगा।

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