उत्तराखंड हाईकोर्ट- अवैध फड़, ठेलों को हटाने के मामले में निगम ने पेश की रिपोर्ट

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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के बाजारों, गलियों व फुटपाथों में अवैध रूप संचालित फड़, ठेलों को हटाए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तिथि नियत की है। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर बताया कि फड़, ठेलों व टेम्पों, रिक्शा के लिए कई जगह चिन्हित की गई हैं।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा है कि जो रिपोर्ट पेश की है उसमें कोई और सुझाव देने हैं तो नगर निगम को दे सकते है। मुख्य न्यायाधीश जी नरेन्दर एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी हितेश पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्द्वानी शहर के बाजारों, फुटपाथों, सार्वजनिक स्थानों व गलियों में बिना रजिस्ट्रेशन के फड़ ठेले लगाए जा रहे है। जिसकी वजह से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड रहा है। याचिका में कहा कि बाजारों में ई-रिक्शा व टेम्पों भी घुस जा रहे है।जिनकी वजह से कई बार दुर्घटनाएं हो रही है। इन अवैध फड़-ठेलों का रिकार्ड नगर निगम के पास नहीं है।

याचिका में अवैध रूप से संचालित फड़ ठेलो को हटाने, रजिस्टर्ड फड़ व्यवसाईयों के लिए वेंडर जोन का चयन करने, टेम्पों व ई रिक्शा का लिए भी पार्किंग की व्यवस्था करने तथा सड़कों से अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने की प्रार्थना की थी।


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