उत्तराखंड- एस्मा और नो वर्क-नो पे के विरोध में उतरे कर्मचारी संगठन, कहा कि तानाशाही रवैये से घबराएंगे नहीं

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राज्य सरकार की ओर से कर्मचारी आंदोलनों पर एस्मा लागू करने और दूसरी ओर उपनलकर्मियों पर नो वर्क-नो पे का आदेश जारी करने से संगठन विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं मिलकर इस लड़ाई को लड़ेंगे।

मिनिस्टीरियल फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा ने कहा कि शासन तानाशाही रवैया अपना रहा है। मिनिस्टीरियल फेडरेशन इस शासनादेश से घबराने वाला नहीं है। शासन को चाहिए कि संगठनों से निरंतर संवाद रखें ताकि हड़ताल की नौबत ही न आए। शासन के अधिकारी तुगलकी आदेशों से संगठन और सरकार के बीच टकराव चाहते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि उन्होंने उपनल कर्मचारियों की हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है। जल्द ही उपनल संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण व समान वेतन के संबंध में घोषणा के अनुरूप कार्रवाई की जाए। ताकि अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों की मांग पूरी हो सके और ठंड के इस मौसम में आंदोलन समाप्त किया जा सके। मोर्चा ने ये भी स्पष्ट किया कि अगर शासन ने कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की तो मोर्चा आंदोलन में शामिल होगा।


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