उत्तराखंड विधानसभा- महिला आरक्षण के मुद्दे पर गरमाया सदन, बाहर सड़कों पर कांग्रेसियों का प्रदर्शन

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लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक के विफल होने के बाद आज उत्तराखंड में इस पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। सीएम धामी ने कहा कि देश की नारी को विश्वास दिलाते हैं, उनका अधिकार अवश्य मिलेगा। कहा किआधी आबादी को उनका पूरा हक प्रदान करने का प्रयास मिले ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके। वहीं विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने भी सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

 

 

बाहर सड़कों पर कांग्रेस का प्रदर्शन

एक तरफ महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर भीतर सदन गरमाया हुआ है, तो वहीं बाहर सड़कों पर हंगामा जारी है।

महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए

कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने का काम कांग्रेस ने किया है। आज पंचायत से लेकर निगम की मेयर तक हमारी बहनें हैं। 2023 में जो कानून पास हुआ था, उसे सरकार ने ही लटका दिया। कहा कि महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। हमारी मांग है कि वर्तमान लोकसभा की सीटों पर ही ये लागू किया जाए। उत्तराखंड के अगले विधानसभा चुनाव में ही महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाए।

2023 के कानून को लागू क्यों नहीं करना चाहती भाजपा?

सदन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार आठ साल का इंतजार करा रही है। 2034 तक ये कानून लागू हो पाएगा। 2023 के कानून को लागू क्यों नहीं करना चाहती भाजपा। कहा कि यह
राजनीतिक जमीन को बचाने का मामला है। कोई महिलाओं को अधिकार देने का नहीं है।

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भाजपा सपने दिखाने और सपने गढ़ने में सबसे आगे: नेता प्रतिपक्ष

यशपाल आर्य ने कहा कि मैं सत्ता पक्ष से पूछना चाहता हूं कि इस सत्र को बुलाने का क्या औचित्य है। जब कानून 2023 में लागू हो चुका था तो इसको लागू करने में इतना समय क्यों लगाया गया। अब तक क्यों लागू नहीं किया गया। कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि हम 2029 में महिलाओं को आरक्षण देंगे लेकिन जनगणना में इतना समय लगेगा तो कैसे संभव होगा। भाजपा सपने दिखाने और सपने गढ़ने में सबसे आगे है।

 

 

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का संबोधन शुरू

सीएम के संबोधन के बाद सदन में अब नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का संबोधन शुरू हो रहा। यशपाल आर्य ने कहा कि ये बहुत संवेदनशील विषय है। कहा कि केंद्र की तारीफ में कसीदे पढ़ना राज्य सरकार की मजबूरी है। सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है। नया शब्द जो दिया नारी वंदन अधिनियम, लेकिन 2026 में जो संशोधन अधिनियम लाया गया है उस पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। ये आधी आबादी के साथ धोखा है। एक खास सोच के तहत इसे लाया गया है। कहा कि हमें लगा कि केंद्र सरकार, पीएम मोदी बहुत संवेदनशील है। उस दिन तीन विधेयक लाए गए। इसमें स्पष्ट कहा गया कि महिलाओं की संख्या बढ़ेगी। लेकिन जो सच दिखाया गया वो नहीं होता।

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