US-ईरान के बीच शांति समझौता: ट्रंप की घोषणा के बाद तेल बाजार में नरमी, जानिए डील से जुड़े अब तक के बड़े अपडेट्स

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श्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान दोनों देशों ने शांति समझौते पर सहमति बनने का दावा किया है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों, कूटनीतिक गलियारों और ऊर्जा क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद जहां तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं कई देशों ने इस समझौते का स्वागत भी किया। आइए जानते हैं…

 

 

1. ईरान ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि की
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि तेहरान प्रस्तावित 60 दिन की वार्ता अवधि में अंतिम समझौते के लिए तभी प्रवेश करेगा, जब वह शत्रुता समाप्त करने, नाकाबंदी हटाने और ईरानी संपत्तियों को जारी करने संबंधी वॉशिंगटन की प्रतिबद्धताओं का सत्यापन कर लेगा। ईरान के सरकारी संबद्ध प्रेस टीवी के अनुसार, गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को होगा, जिसके बाद समझौता ज्ञापन (MoU) सार्वजनिक किया जाएगा।

2. कच्चे तेल कीमतों में बड़ी गिरावट
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ समझौता पूरा होने का दावा किए जाने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दिया। रविवार को वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3.9 प्रतिशत गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी क्रूड (WTI) में 4.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत लगभग 81 डॉलर प्रति बैरल रह गई। 

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3. ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने दी प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली तकनीकी वार्ताओं का समर्थन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब ध्यान समझौते को प्रभावी रूप से लागू करने पर होना चाहिए, ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह और स्थायी रूप से खुला रह सके। स्टार्मर ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस जलमार्ग में “टोल-फ्री नेविगेशन” की सुविधा तुरंत बहाल की जानी चाहिए, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को स्थिरता मिल सके।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने इसे संघर्ष के तत्काल और स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। गुटेरेस ने पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब, तुर्की सहित कई क्षेत्रीय देशों की सराहना की, जिन्होंने इस समझौते तक पहुंचने में रचनात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह समझौता आगे की वार्ताओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।

4. कतर ने समझौते का किया स्वागत
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के लिए अनुकूल माहौल बनाने में योगदान देने वाले सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय पक्षों का धन्यवाद किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी वार्ताएं सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में आगे बढ़ेंगी और इस प्रगति को और मजबूत करेंगी।

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5जेडी वेंस के समारोह में शामिल होने की संभावना
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि वह वाशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाले मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के औपचारिक हस्ताक्षर समारोह में शामिल होने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर करेगा कि वह स्वयं इसमें शामिल होते हैं या नहीं।

जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए एक फोन इंटरव्यू में बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अभी अंतिम चरण में नहीं हैं और लॉजिस्टिक्स पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं समारोह में मौजूद रहेंगे, लेकिन यह भी संभव है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी वहां उपस्थित हों। व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अमेरिका का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, क्योंकि सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार आमतौर पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों एक ही विदेशी कार्यक्रम में शामिल नहीं होते।

6.  ट्रंप ने नाकेबंदी हटाने और होर्मुज को पूरी तरह से मुक्त करने का किया एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ समझौता पूरी तरह संपन्न हो चुका है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अब अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से मुक्त कर दिया गया है, ताकि वैश्विक जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के हो सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान के साथ हुआ यह समझौता पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने अपने संदेश में दावा किया कि उनसे पहले कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। ट्रंप ने कहा कि क्षेत्रीय नेताओं को पहली बार ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति मिला है, जो वास्तविक और स्थायी शांति की दिशा में मदद कर सकता है।

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7. PAK पीएम ने किया युद्ध विराम का एलान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर ट्वीट कर जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर अंतिम सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसमें लेबनान में चल रही सैन्य गतिविधियां भी शामिल हैं। शहबाज शरीफ ने अपने संदेश में बताया कि इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा।

क्या बदलेगा इस समझौते से?
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबर ने वैश्विक ऊर्जा बाजार, कूटनीतिक संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिरता को लेकर नई उम्मीदें पैदा की हैं। तेल कीमतों में आई गिरावट और समुद्री मार्गों को खोलने की घोषणा को इस समझौते के शुरुआती प्रभावों के रूप में देखा जा रहा है।


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