यूपी- मुख्तार के करीबी का कत्ल: 10 गोलियों से छलनी थी शोएब की लाश, रिपोर्ट में सामने आई हमलावरों की बर्बरता

पूर्व विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हाईवे पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की पांच टीमें सरगर्मी से छानबीन कर रही हैं। पुलिस ने जहां शोएब के चालक और तीन अन्य परिचितों से सघन पूछताछ की है वहीं लखनऊ में मृतक के घर से बाराबंकी घटनास्थल तक मोबाइल टावरों के डंप डेटा भी उठाया है।

पुलिस हर उसे व्यक्ति की घटना के वक्त की लोकेशन ट्रेस कर रही है जो शोएब से किसी ने किसी मामले में जुड़ा था। हाईवे पर प्रमुख मार्गों के करीब ढाई सौ सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग पुलिस ने देखी है और इनको लगातार देखा जा रहा है। घटना के दूसरे दिन भी पुलिस घटनास्थल और आसपास सघन जांच की और और क्राइम सीन को रीटेक करके दिखा।

 

बाइक सवार बदमाशों ने की हत्या
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ के से बाराबंकी आते वक्त हाईवे के असेनी मोड़ की सर्विस रोड पर शोएब किदवई बॉबी की हत्या हुई थी। पल्सर सवार दो हेलमेट लगाए बदमाश तेजी से आया और उनकी कार में गोलियां बरसाकर चले गए थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों तक पहुंचने की पहली ठोस कड़ी कहां से मिलेगी।

 

मृतक पर लखनऊ और बाराबंकी में कुल 12 मामले दर्ज हैं। इनमें 1999 में लखनऊ के हजरतगंज में जेलर आरके तिवारी हत्याकांड भी शामिल है। पत्नी शाजिया की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस तो दर्ज कर लिया गया मगर परिजनों ने साफ कह दिया कि पिछले 15 वर्षों से शोएब बहुत शांतिपूर्ण जीवन बिता रहे थे। परिजन भी किसी व्यक्ति पर शक नहीं जता सके।

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टेक्निकल टीम यह मिलान कर रही है कि घटना के वक्त और उससे ठीक पहले किन-किन मोबाइल नंबरों की लोकेशन शोएब की गाड़ी के आसपास दर्ज हुई। हाईवे, सर्विस रोड, कट प्वाइंट, पेट्रोल पंप और टोल प्लाजा समेत करीब 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली गई है। 

पुलिस को दोपहर 1:22 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीमें 12:50 बजे से 1:40 बजे के बीच के ‘गोल्डन टाइम फ्रेम’ पर विशेष ध्यान दे रही है। शोएब के कार चालक को घटना से दो दिन पहले छुट्टी दी गई थी। यह तथ्य जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है।
प्रॉपर्टी डीलिंग का कोई विवाद तो नहीं…
अधिवक्ता के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े शोएब के आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल हो रही है। पुलिस को पता लगा है कि लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े रहे। हाल के सौदों में किसी विवाद की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा।
दस गोलियों से छलनी मिला बॉबी का शव
शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हत्या में हमलावरों की बर्बरता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार शोएब के शरीर में करीब 10 गोलियां दागी गईं। जबकि चार गोलियां इधर-उधर लगीं।

पत्नी की तहरीर का एंगल, रजिस्टर खंगालने पहुंचे एएसपी
जांच के दौरान एक और अहम तथ्य प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले मृतक की पत्नी ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसी सूचना के बाद सुबह एडिशनल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी शहर कोतवाली पहुंचे और रजिस्टरों की गहन जांच कराई। हालांकि एसपी का कहना है कि संबंधित शिकायत करीब चार से पांच वर्ष पुरानी है और उसका मौजूदा हत्याकांड से सीधा संबंध होना अभी स्पष्ट नहीं है।
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जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर तथ्य को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है।-अर्पित विजयवर्गीय, एसपी

गादिया गांव में शोएब को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
शोएब किदवई उर्फ बॉबी को शनिवार शाम शहर कोतवाली क्षेत्र के उनके पैतृक गांव गादिया में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे दिन शहर में सन्नाटा और सुरक्षा का मिला-जुला माहौल बना रहा। लखनऊ रोड स्थित उनके आवास पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। लखनऊ और बाराबंकी के सैकड़ों वकील, परिचित और स्थानीय लोग पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए।

रामनगर की विधायक फरीद महफूज किदवई समेत समाजवादी पार्टी के कई नेता भी पहुंचे। इससे लखनऊ रोड पर यातायात प्रभावित रहा। दोपहर बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शव को गांव गादिया ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। अंत्येष्टि स्थल पर पूर्व मंत्री विधायक फरीद मोहम्मद किदवई, विधायक सुरेश यादव और पूर्व एमएलसी राजेश यादव उर्फ राजू पहुंचे।
मुख्तार के करीबी रहे वकील की हत्या
बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता शोएब किदवई (51) उर्फ बॉबी की शुक्रवार दोपहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। दोपहर करीब एक बजे शहर से चार किमी दूर असेनी अंडरपास के पास हमलावरों ने उनकी कार पर 11 राउंड फायरिंग की। मुख्तार गैंग का शूटर रहे शोएब को कई गोलियां लगी। पुलिस को कार के पास में चार खाली कारतूस मिले हैं। पत्नी शाजिया ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शोएब बाराबंकी के गदिया गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में रह रहे थे।

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बाराबंकी शहर में भी उनका घर है। बाराबंकी कचहरी में प्रैक्टिस करते थे। शुक्रवार को लखनऊ से कार से बाराबंकी आ रहे शोएब को घेरकर हमलावरों ने गोलियां बरसाईं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस को शोएब कार की ड्राइविंग सीट पर औंधे मुंह पड़े मिले। कार की विंडस्क्रीन पर गोलियों के निशान मिले हैं। एक गोली शोएब के दाहिने गाल को चीरते हुए निकल गई। हाथ और पसली में भी तीन गोलियां धंसी मिली हैं। सूचना पर एडीजी जोन प्रवीण कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

हत्या व बलवा के छह मामले दर्ज थे शोएब का नाम
मृतक पर लखनऊ और बाराबंकी में कुल 12 मामले दर्ज हैं। 1999 में लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में जेलर आरके तिवारी की हत्या और इसके बाद बाराबंकी के डॉ. डीवी सिंह की हत्या के मामले में शोएब का नाम सामने आया था।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि शोएब मुख्तार अंसारी के गैंग से जुड़ा रहा था। उस पर हत्या, बलवा आदि के 12 मामले दर्ज थे। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सभी सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।
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