प्रॉपर्टी डीलिंग का कोई विवाद तो नहीं…
अधिवक्ता के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े शोएब के आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल हो रही है। पुलिस को पता लगा है कि लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े रहे। हाल के सौदों में किसी विवाद की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा।
दस गोलियों से छलनी मिला बॉबी का शव
शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हत्या में हमलावरों की बर्बरता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार शोएब के शरीर में करीब 10 गोलियां दागी गईं। जबकि चार गोलियां इधर-उधर लगीं।
पत्नी की तहरीर का एंगल, रजिस्टर खंगालने पहुंचे एएसपी
जांच के दौरान एक और अहम तथ्य प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले मृतक की पत्नी ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसी सूचना के बाद सुबह एडिशनल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी शहर कोतवाली पहुंचे और रजिस्टरों की गहन जांच कराई। हालांकि एसपी का कहना है कि संबंधित शिकायत करीब चार से पांच वर्ष पुरानी है और उसका मौजूदा हत्याकांड से सीधा संबंध होना अभी स्पष्ट नहीं है।
जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर तथ्य को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है।-अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
गादिया गांव में शोएब को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
शोएब किदवई उर्फ बॉबी को शनिवार शाम शहर कोतवाली क्षेत्र के उनके पैतृक गांव गादिया में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे दिन शहर में सन्नाटा और सुरक्षा का मिला-जुला माहौल बना रहा। लखनऊ रोड स्थित उनके आवास पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। लखनऊ और बाराबंकी के सैकड़ों वकील, परिचित और स्थानीय लोग पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए।
रामनगर की विधायक फरीद महफूज किदवई समेत समाजवादी पार्टी के कई नेता भी पहुंचे। इससे लखनऊ रोड पर यातायात प्रभावित रहा। दोपहर बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शव को गांव गादिया ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। अंत्येष्टि स्थल पर पूर्व मंत्री विधायक फरीद मोहम्मद किदवई, विधायक सुरेश यादव और पूर्व एमएलसी राजेश यादव उर्फ राजू पहुंचे।
मुख्तार के करीबी रहे वकील की हत्या
बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता शोएब किदवई (51) उर्फ बॉबी की शुक्रवार दोपहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। दोपहर करीब एक बजे शहर से चार किमी दूर असेनी अंडरपास के पास हमलावरों ने उनकी कार पर 11 राउंड फायरिंग की। मुख्तार गैंग का शूटर रहे शोएब को कई गोलियां लगी। पुलिस को कार के पास में चार खाली कारतूस मिले हैं। पत्नी शाजिया ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शोएब बाराबंकी के गदिया गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में रह रहे थे।
बाराबंकी शहर में भी उनका घर है। बाराबंकी कचहरी में प्रैक्टिस करते थे। शुक्रवार को लखनऊ से कार से बाराबंकी आ रहे शोएब को घेरकर हमलावरों ने गोलियां बरसाईं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस को शोएब कार की ड्राइविंग सीट पर औंधे मुंह पड़े मिले। कार की विंडस्क्रीन पर गोलियों के निशान मिले हैं। एक गोली शोएब के दाहिने गाल को चीरते हुए निकल गई। हाथ और पसली में भी तीन गोलियां धंसी मिली हैं। सूचना पर एडीजी जोन प्रवीण कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
हत्या व बलवा के छह मामले दर्ज थे शोएब का नाम
मृतक पर लखनऊ और बाराबंकी में कुल 12 मामले दर्ज हैं। 1999 में लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में जेलर आरके तिवारी की हत्या और इसके बाद बाराबंकी के डॉ. डीवी सिंह की हत्या के मामले में शोएब का नाम सामने आया था।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि शोएब मुख्तार अंसारी के गैंग से जुड़ा रहा था। उस पर हत्या, बलवा आदि के 12 मामले दर्ज थे। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सभी सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।