आगरा से मसूरी जा रहे पांच दोस्तों की थार गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई, दो गंभीर घायल हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना से परिवारों में कोहराम मच गया। साहिल, राहुल, सक्षम, सचिन वर्मा और हेमंत वर्मा शनिवार रात करीब नौ बजे घर से मसूरी के लिए निकले थे। पांचों थार गाड़ी में सवार थे। रविवार तड़के सहारनपुर जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। नागल के बेलड़ा जुनारदार के पास गोल चक्कर पर तेज रफ्तार थार कार अनियंत्रित होकर पलट गई।
वहीं सक्षम का मौत से पहले का सोशल मीडिया पर आए पोस्ट ने परिवार के लोग और दोस्तों के आंखें नम कर दीं। सहारनपुर में पेट्रोल पंप पर शनिवार रात 2:10 बजे सक्षम ने इंस्टाग्राम पर थार गाड़ी के बोनट पर बैठकर फोटो शेयर की थी। 38 मिनट बाद सक्षम समेत तीन मित्रों की जान चली गई। साहिल पांच दिन के लिए अपने घर की देखभाल करने दिल्ली से आया था।
भैया, अब तो रात हो गई…आजा, लेकिन तेरी तो लाश आ गई

लैब में नौकरी करता था राहुल
मोबाइल देखकर पिता याद करते रहे राहुल की आखिरी कॉल

पिता ने घर लौटने के लिए कहा लेकिन राहुल नहीं माना। उन्हें क्या पता था कि बेटे को घर आने के लिए कहने वाली यह बातचीत आखिरी यादों में शामिल हो जाएगी। कुछ देर बाद कमला नगर में रहने वाले भतीजे ने फोन कर राहुल के एक्सीडेंट की खबर दी। राहुल पांच भाई-बहनों में से एक था और निजी डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता था। हादसे की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
आंख खुली तो खुद को सड़क पर पाया
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती सचिन ने बताया कि नोएडा में नौकरी करता हूं। दशहरे की छुट्टी पर घर आया था। थार में आगे की सीट पर बैठा था। हादसे के समय वह सो रहा था। जब आंख खुली तो खुद को सड़क पर पड़ा पाया। बाद में पता चला कि हादसा हो गया। सिर में गंभीर चोट आई है। हेमंत मेरे चाचा का बेटा है। हादसे का पता लगने के बाद एसपी यातायात शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां ट्रामा सेंटर में भर्ती सचिन और हेमंत का हालचाल जाना। घायलों से बात करने की कोशिश की, लेकिन गंभीर होने की वजह से तब हेमंत व सचिन बात नहीं कर पाए। वहां मौजूद अन्य दोस्तों से हादसे के बारे में जानकारी ली।







