गाजियाबाद स्थित राजनगर एक्सटेंशन के भोवापुर गांव में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के ठेकेदार की लापरवाही ने दो महिलाओं की जान ले ली, जबकि एक युवती झुलस गई। तीनों सड़क निर्माण के दौरान 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन टूटने से करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिलाएं सास-बहू थीं और खेत में मूली लेने गई थीं।
ट्रिपिंग सिस्टम पर उठे सवाल
ऊर्जा निगम के अवर अभियंता ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान जेसीबी से बिजली के खंभों और तारों को नुकसान पहुंचा। लाइन टूटने के बाद विभाग को सूचना भी नहीं दी गई। अवर अभियंता ने जीडीए के ठेकेदार अंकित गोयल और जेसीबी चालक के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।
सोमवार रात टूटी लाइन की जानकारी ऊर्जा निगम को मंगलवार सुबह हादसे के बाद करीब सुबह आठ बजे मिली। इससे निगरानी के साथ ट्रिपिंग सिस्टम पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बदायूं का है परिवार, यहां ठेके पर जमीन लेकर कर रहा खेती
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि मूलरूप से बदायूं जिले के कादरचौक थाना क्षेत्र के खिरिया बारखपुर गांव निवासी थान सिंह परिवार के साथ पिछले तीन वर्षों से भोवापुर में केडीपी गोल चक्कर से गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर झुग्गी में रह रहे हैं। उन्होंने मोरटी के एक किसान से भोवापुर में ही जमीन ठेके पर लेकर सब्जी की खेती कर रखी है।
चार माह पहले हुई थी रूबी की शादी
थान सिंह ने बताया कि छोटे बेटे शिवम की शादी चार माह पहले ही रूबी से हुई थी। दो माह पहले वह बहू को गाजियाबाद लेकर आए थे। रूबी घर के कामकाज में हाथ बंटाने लगी थीं। परिवार की आजीविका सब्जी की खेती पर निर्भर थी। उन्होंने खेत में पालक, मूली और लौकी समेत अन्य सब्जियां उगा रखी थीं। पत्नी, बहू और बेटी सुबह खेत से सब्जियां तोड़कर ई-रिक्शा में भर देती थीं। इसके बाद शिवम मंडी में सब्जियां बेचने जाता था। मंगलवार सुबह भी तीनों इसी काम के लिए खेत में गई थीं।








